बागेश्वर: सड़क न बनने पर चुनावों का बहिष्कार करेंगे हर्नेया गांव के ग्रामीण
बागेश्वर, अमृत विचार। सर्वे के दस साल बाद भी हर्नेया गांव को यातायात सुविधा न मिलने पर ग्रामीण आक्रोशित हैं। ग्रामीणों ने आगामी विधानसभा चुनाव के बहिष्कार का ऐलान किया है। शुक्रवार को ग्रामीणों ने सड़क की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। कहा कि जिला प्रशासन खड़िया कारोबारियों के इशारे पर काम कर रहा है। …
बागेश्वर, अमृत विचार। सर्वे के दस साल बाद भी हर्नेया गांव को यातायात सुविधा न मिलने पर ग्रामीण आक्रोशित हैं। ग्रामीणों ने आगामी विधानसभा चुनाव के बहिष्कार का ऐलान किया है। शुक्रवार को ग्रामीणों ने सड़क की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। कहा कि जिला प्रशासन खड़िया कारोबारियों के इशारे पर काम कर रहा है।
हर्नेया के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी कार्यालय में प्रदर्शन किया। कहा कि चुनावों से पूर्व उनको अपने वोट बैंक के लिए बरगलाया जाता रहा है। परंतु इस बार वे नेताओं के कहने पर नहीं आएंगे व मतदान नहीं करेंगे। कहा कि दस साल पहले उनके गांव के लिए सड़क निर्माण के लिए सर्वे हुआ। इसके लिए ग्रामीणों ने संघर्ष भी किया, लेकिन इतने सालों बाद भी गांव तक सड़क नहीं पहुंच पाई। गांव के पास आने के बाद भी सड़क को अब खोलिया गांव पहुंचा दिया है। वक्ताओं ने कहा कि यह मोटर मार्ग चैरा से अनेरिया, ककड़ात,
ठांगा, पड़ाई, गोरखेत, पंचोड़ा, सिरर्मो तक जानी थी। उन्होंने बताया कि इस सड़क का कई बार सर्वे भी हुआ, लेकिन सड़क आज तक नहीं बन पाई। सड़क बनने से करीब चार अंबेडकर गांव लाभान्वित होेंगे।
अब जहां सड़क घुमाई गई है, वहां पहले से दो सड़कें बनी हैं। सड़क नहीं होने से मरीजों तथा बुजुर्गों को मुख्य मार्ग तक लाने में खासी परेशानी होती है। पलायन के कारण गांव में युवा भी नहीं हैं। इससे समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। चुनाव से पहले हर जनप्रतनिधि सड़क की बात करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही वादे भूल जाते हैं। इस मौके पर ग्रामीण महेश कालाकोटी, प्रकाश दास, भवान पुरी, किशन सिंह कालाकोटी, जगत कालाकोटी, नंदन रौतेला, सुंदर रौतेला, त्रिलोक कालाकोट आदि मौजूद रहे।
