बरेली: सपा के पूर्व मंत्री को भारी पड़ी अधिकारी की पैरवी
अमृत विचार, बरेली। समाजवादी पार्टी में एक पूर्व मंत्री तो अपने चहेते को जिला पंचायत सदस्य के लिए टिकट दिलाने में नाकामयाब रहे लेकिन एक अधिकारी की पैरवी काम आ गई। मामला नवाबगंज क्षेत्र के वार्ड 9 का है, जहां से दूसरे जिले में कार्यरत एक आईएस अधिकारी की भाभी सुनीता गंगवार को प्रत्याशी घोषित …
अमृत विचार, बरेली। समाजवादी पार्टी में एक पूर्व मंत्री तो अपने चहेते को जिला पंचायत सदस्य के लिए टिकट दिलाने में नाकामयाब रहे लेकिन एक अधिकारी की पैरवी काम आ गई। मामला नवाबगंज क्षेत्र के वार्ड 9 का है, जहां से दूसरे जिले में कार्यरत एक आईएस अधिकारी की भाभी सुनीता गंगवार को प्रत्याशी घोषित कर दिया गया।
जिलाध्यक्ष अगम मौर्य ने जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशियों की अंतिम सूची दो दिन पहले जारी की थी। कुल 50 वार्डों में जिला पंचायत सदस्य के उम्मीदावरों की घोषणा किए जाने के साथ ही शेष बचे दस वार्डों में प्रत्याशियों को न उतारने का ऐलान किया था। इसकी वजह यह थी यहां पार्टी के तीन से चार मजबूत खिलाड़ी मैदान में थे। इन्हीं में वार्ड 9 में भी शामिल था। जहां सपा के पूर्व मंत्री अपने चहेते जिला पंचायत सदस्य को टिकट दिलाने चाहते थे, लेकिन दूसरी तरफ मामला एक आईएस अधिकारी के परिवार से जुड़ा था। जो सपा से लंबे समय से जुड़ा है।
पार्टी सूत्रों की मानें तो जिलाध्यक्ष को डर था इन वार्डों में किसी एक प्रत्याशी की घोषणा हुई तो बगावत की स्थिति हो जाएगी। इसका खामियाजा आगामी विधानसभा चुनाव में भी भुगतना पड़ सकता है। लिहाजा प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की गई। लेकिन नामांकन से पूर्व अधिकारी की पैरवी से पूर्व मंत्री को तगड़ा झटका लगा।
लखनऊ से आए फोन के बाद आनन फानन में समाजवादी पार्टी ने वार्ड 9 से मुरारी गंगवार की पत्नी सुनीता गंगवार को जिला पंचायत सदस्य का प्रत्याशी घोषित कर नामांकन की प्रक्रिया भी देर शाम पूरी करा दी गई इस मौके पर महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी, रविंद्र यादव,गौरव सक्सेना, मयंक शुक्ला, कलीमुद्दीन, ब्रजेश श्रीवास्तव ,वसीम मेवाती , करन सिंह, विक्रांत सिंह पाल ,अमर राठौर आदि मौजूद रहे ।
