बनबसा: पशु चिकित्सक संभाल रहे ईओ का काम, शहरी विकास मंत्री से की समाधान की मांग
बनबसा, अमृत विचार। नवगठित नगर पंचायत के हाल भी अजीबोगरीब हैं। यहां पंचायत तो बना दी, लेकिन निकाय ढांचे के अनुरूप कोई भी नियमित अधिकारी और कर्मचारी नियुक्त नहीं किया गया है। स्थिति यह है कि ईओ जैसा महत्वपूर्ण पद पशु चिकित्सक संभाल रहे हैं। नतीजतन पंचायत से संबंधित कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहे …
बनबसा, अमृत विचार। नवगठित नगर पंचायत के हाल भी अजीबोगरीब हैं। यहां पंचायत तो बना दी, लेकिन निकाय ढांचे के अनुरूप कोई भी नियमित अधिकारी और कर्मचारी नियुक्त नहीं किया गया है। स्थिति यह है कि ईओ जैसा महत्वपूर्ण पद पशु चिकित्सक संभाल रहे हैं। नतीजतन पंचायत से संबंधित कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। वहीं, इस समस्या को स्थानीय जनप्रतिनिधियों के शिष्टमंडल ने शहरी विकास मंत्री बंशीधर भगत के समक्ष रखा और समाधान की मांग की।
क्षेत्रीय विधायक कैलाश गहतोड़ी के नेतृत्व में विधायक प्रतिनिधि (नपं) संजय अग्रवाल, व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष भरत सिंह और भाजपा जिला उपाध्यक्ष देवेंद्र ठाकुर ने शहरी विकास मंत्री से देहरादून में मुलाकात की और पंचायत अध्यक्ष रेनू अग्रवाल की ओर से उन्हें समस्याओं से संबंधित ज्ञापन सौंपा, जिसमें कहा गया है कि करीब साढ़े सात साल पहले बनबसा में पंचायत का गठन तो कर दिया गया है, लेकिन निकाय ढांचे के अनुरूप कोई भी अधिकारी एवं कर्मचारी नियमित नियुक्त नहीं किया गया।
अधिशासी अधिकारी के पद पर राजकीय पशु चिकित्सालय से पशु चिकित्सक को अटैच किया गया है, जबकि सहायक लेखाकार नगर पालिका चंपावत और अनुसेवक नगर पंचायत लोहाघाट से संबद्ध किए गए हैं। इसके अलावा अवर अभियंता, सफाई निरीक्षक और कर निरीक्षक के पद रिक्त पड़े हैं। इस कारण नगर में निर्माण, सफाई, गृह कर समेत कई महत्वपूर्ण कार्य नहीं हो पा रहे हैं और राजस्व की हानि हो रही है। इन सबके बीच आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मंत्री से सभी पदों पर नियमित नियुक्ति कर समस्या के समाधान की मांग की है।
