नैनीताल: नैनी झील में मिला रिटायर्ड प्रोफेसर का शव

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Edited By Amrit Vichar
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नैनीताल, अमृत विचार। नैनी झील में गुरुवार सुबह डीएसबी के रिटायर्ड प्रोफेसर का शव मिलने से सनसनी फैल गई। प्रोफेसर घर से मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने के साथ ही घटना की जांच शुरू कर दी है। गुरुवार सुबह साढ़े 10 बजे नैनीताल के ठंडी रोड पाषाण …

नैनीताल, अमृत विचार। नैनी झील में गुरुवार सुबह डीएसबी के रिटायर्ड प्रोफेसर का शव मिलने से सनसनी फैल गई। प्रोफेसर घर से मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने के साथ ही घटना की जांच शुरू कर दी है।

गुरुवार सुबह साढ़े 10 बजे नैनीताल के ठंडी रोड पाषाण देवी मंदिर के पास राहगीरों ने एक शव झील में उतराता हुआ देख पुलिस को सूचना दी। कोतवाल अशोक कुमार, एसआई नरेंद्र कुमार और नितिन बहुगुणा पुलिस टीम समेत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने किसी तरह शव को झील से बाहर निकाला। तब पता चला कि शव रिटायर्ड प्रोफेसर का है। कोतवाल अशोक कुमार सिंह ने बताया कि मौके पर शव की पहचान रैमजे अस्पताल निवासी प्रो एनएस राणा के रूप में हुई।

शव के पास मास्क, रुमाल और 1250 रुपये बरामद हुए। हालांकि शिनाख्त के लिए कुछ नहीं मिला। बाद में प्रोफेसर के पुत्र ने उनके शव की शिनाख्त की। इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। रिटायर्ड प्रोफेसर की मौत की सूचना पर उनके परिजनों में कोहराम मच गया। कोतवाल ने बताया कि पोस्टमॉर्टम के बाद ही मौत का स्पष्ट कारण पता चलेगा।

दुर्घटनावश मौत की आशंका
हल्द्वानी। रिटायर्ड प्रोफेसर एनएस राणा के पुत्र महेंद्र राणा भी प्रोफेसर हैं। वह कुमाऊं विवि के डीएसबी परिसर में कामर्स के प्रोफेसर थे। उन्हें सेवानिवृत हुए 12 वर्ष हो गए थे। वह डीएसबी में महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके थे। मृतक के पुत्र डॉ महेंद्र राणा ने बताया कि वह रोजाना मॉर्निंग वॉक पर जाया करते थे। गुरुवार को भी वह सुबह करीब सात बजे घर से निकले थे। वह ह्रदय संबंधी रोग से ग्रसित थे। प्रथमदृष्टया पुलिस इसे दुर्घटना से जोड़कर देख रही है। पुलिस का मानना है कि वॉकिंग के दौरान प्रोफेसर झील के किनारे बैठे होंगे। दौरा पड़ने या फिर अचेत होकर झील में गिर गए होंगे।

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