हल्द्वानी: टीकों का कमाल, तीसरी लहर में अस्पताल में भर्ती होने की नौबत कम

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नरेन्द्र देव सिंह, अमृत विचार, हल्द्वानी। कोरोना की तीसरी लहर के दौरान राहत देने की बात यह है कि कोरोना टीकाकरण की वजह से लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ी है। इसलिए कोरोना के बढ़ रहे मामलों के बाद भी अस्पताल में कम मरीज भर्ती हो रहे हैं। अधिकांश मरीजों को होम आइसोलेट किया गया …

नरेन्द्र देव सिंह, अमृत विचार, हल्द्वानी। कोरोना की तीसरी लहर के दौरान राहत देने की बात यह है कि कोरोना टीकाकरण की वजह से लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ी है। इसलिए कोरोना के बढ़ रहे मामलों के बाद भी अस्पताल में कम मरीज भर्ती हो रहे हैं। अधिकांश मरीजों को होम आइसोलेट किया गया है।

नैनीताल जिले में इस साल अभी तक 812 कोरोना के नए मामले आ चुके हैं। जिले में कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़ गई है। दिसंबर के अंतिम सप्ताह की अपेक्षा इस समय कोरोना के सक्रिय मरीजों में करीब 25 गुना उछाल आया है। पहली और दूसरी लहर के दौरान जिले में इतने सक्रिय होने के बाद अस्पतालों में बेड भरने लगे थे। जबकि इस बार तीसरी लहर के दौरान ज्यादातर कोरोना पॉजिटिव मरीजों को घर में आइसोलेट होने की ही सलाह दी जा रही है। अस्पतालों में बोझ नहीं बढ़ा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कोरोना के कुमाऊं में अभी तक डेल्टा वैरिएंट के ही मरीज मिल रहे हैं। इस वैरिएंट पर कोरोना टीका पूरी तरह से प्रभावी है। इसलिए दोनों टीका लगवा चुके लोग कोरोना संक्रमित होने के बाद भी घर में रहकर ही ठीक हो रहे हैं।

मरीज सक्रिय अस्पताल में भर्ती
जिला संक्रामक रोग विश्लेषक एनके कांडपाल ने बताया कि इस समय अस्पतालों में कोरोना के आठ मरीज भर्ती हैं। जबकि जिले में कोरोना के 277 मरीज सक्रिय हैं। कोविड के दोनों टीके लगवा चुके लोगों की कोरोना को लेकर रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हुई है। जिले में फिलहाल डेल्टा वैरिएंट ही मिल रहा है। कोविड संक्रमित कम ही लोगों को अस्पताल में भर्ती कराने की नौबत आ रही है।

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