नैनीताल: भारतीय पर्यटकों को आकर्षित करने के लिये नेपाल ने किया ट्रेवल मार्ट का आयोजन
नैनीताल, अमृत विचार। भारतीय पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए तीन दिवसीय ट्रेवल मार्ट का आयोजन नेपाल के फारवेस्ट रीजन के धनगढ़ी में आयोजित किया गया। इसमें उत्तरखंड के नैनीताल, हल्द्वानी और देहरादून के साथ ही उत्तर प्रदेश व दिल्ली के पर्यटन व्यवसायियों को आमंत्रित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ नेपाल के पर्यटन मंत्री प्रेम …
नैनीताल, अमृत विचार। भारतीय पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए तीन दिवसीय ट्रेवल मार्ट का आयोजन नेपाल के फारवेस्ट रीजन के धनगढ़ी में आयोजित किया गया। इसमें उत्तरखंड के नैनीताल, हल्द्वानी और देहरादून के साथ ही उत्तर प्रदेश व दिल्ली के पर्यटन व्यवसायियों को आमंत्रित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ नेपाल के पर्यटन मंत्री प्रेम बहादुर आले ने किया। उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के एतिहासिक रोटी-बेटी के संबंधों को अब पर्यटन कारोबार के जरिये नये स्तर तक ले जाने का अवसर है। नेपाल का शुक्लाफांटा नेशनल पार्क भारत की सीमा के करीब है, जहां भारतीय पर्यटकों को नया अनुभव मिलेगा।
कार्यक्रम में पहुंचे नैनीताल टूर एंड ट्रेवल सोसायटी के अध्यक्ष विजय मोहन सिंह खाती ने कहा कि नेपाल में अतिथि सत्कार अद्भुत है। फारवेस्ट रीजन उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश की सीमा से सटा है और दिल्ली से मात्र 350 किलोमीटर दूर है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सही मार्केटिंग के जरिये बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटकों को नेपाल के इन सूबसूरत इलाकों तक आसानी से पहुंचाया जा सकता है। दोनों देशों के बीच रोड कनेक्टिविटी बेहतर है।
कार्यक्रम में सोसायटी के सचिव कमल जगाती, रमेश तिवारी, महावीर सिंह बिष्ट, राजेंद्र सिंह, विनय बिष्ट, विक्रम सिंह बिष्ट, दीपक बिष्ट, रवि फ्तर्याल, दिनेश लोहनी, कुनाल, राजा शाह, प्रदीप गुप्ता, जितेंद्र बिष्ट आदि पर्यटन व्यवसायियों ने भी अपने विचार साझा किये। नेपाल टूरिज्म बोर्ड के वरिष्ठ डायरेक्टर हिकमत सिंह ने बताया कि कि नेपाल के शुक्लाफांटा नेशनल पार्क में पर्यटक एक ही जगह पर एक सींग वाला दुलर्भ गैंडा, बाघ, हाथियों के झुंड एक साथ एशिया के सबसे बड़े प्राकृतिक घास के मैदान को देख सकते हैं। इस तरह के प्राकृतिक नजारे केवल अफ्रीका के बाद नेपाल में ही दिखाई देते हैं।
