हल्द्वानी: 15 साल पुरानी मशीन से हो रहा एमआरआई

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हल्द्वानी, अमृत विचार। डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल की 15 साल पुरानी एमआरआई मशीन अब हांफने लगी है। मशीन के कलपुर्जे पुराने हो गए हैं, जिस कारण ये चलते-चलते गर्म हो जाती है। इसे ठंडा करने के लिए दिन में कई बार बंद करना पड़ता है। मशीन में बार-बार खराबी आने से मरीजों को भी खासी …

हल्द्वानी, अमृत विचार। डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल की 15 साल पुरानी एमआरआई मशीन अब हांफने लगी है। मशीन के कलपुर्जे पुराने हो गए हैं, जिस कारण ये चलते-चलते गर्म हो जाती है। इसे ठंडा करने के लिए दिन में कई बार बंद करना पड़ता है। मशीन में बार-बार खराबी आने से मरीजों को भी खासी परेशानी हो रही है।

अस्पताल प्रशासन नयी मशीन आने का इंतजार कर रहा है। कुमाऊं के सबसे बड़े सुशीला तिवारी राजकीय अस्पताल में उत्तराखंड के अलावा उत्तर प्रदेश से रोजाना हजारों मरीज इलाज के लिए आते हैं। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए साल 2007-08 में अस्पताल में एमआरआई मशीन लगाई गई। जिसका लाभ आज तक हर तबके के मरीज को मिल रहा है।

अस्पताल में एमआरआई की दरें निजी अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटर से काफी कम हैं। शुरूआत में रोजाना मशीन से 20 से 30 मरीजों की एमआरआई होती थी, लेकिन बीमारियों बढ़ने से अब 40 से अधिक मरीजों की हर दिन एमआरआई हो रही है।

करीब 15 साल से मरीजों को एमआरआई सुविधा का लाभ दे रही मशीन के कलपुर्जों ने अब जवाब देना शुरू कर दिया है। हर महीने मशीन में कोई न कोई समस्या आ रही है। जिसे ठीक करने में एक या दो दिन लग रहे हैं। हालात ये हैं कि मशीन पर भार पड़ने से कई बार ये चलते-चलते गर्म हो जाती है, जिसे ठंडा करने के लिए बंद करना पड़ता है। मशीन के ठंडा होने के बाद इसे फिर से चालू कर दिया जाता है। इस बीच दूर-दराज से आए मरीजों के साथ-साथ तीमारदारों को भी परेशानी होती है।

नयी मशीन के लिए चल रही कार्यवाही
राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डा. अरुण जोशी ने बताया कि नयी एमआरआई मशीन के लिए शासन को कई बार पत्र भेजे गये हैं। जिस पर कार्यवाही चल रही है। नयी मशीन आते ही मरीजों को हो रही परेशानी दूर हो जायेगी। अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा देने के पूरे प्रयास किये जा रहे हैं।

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