बरेली: पार्षद कक्ष में नहीं बैठ पाएंगे पूर्व पार्षद, टूटेगा भवन, सीटीओ ने खाली किया कमरा

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Edited By Amrit Vichar
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नए भवन के मुख्यद्वार के लिए पुराने भवनों को तोड़ने के आदेश हो गए हैं। इसी लाइन में पार्षद कक्ष भी है।

बरेली, अमृत विचार। नगर निगम बोर्ड भंग होने के बाद अब पूर्व पार्षदों का नगर निगम में बैठने का कोई स्थान नहीं रह जाएगा। कभी-कभी कक्ष में बैठने वाले पूर्व पार्षदों का यह स्थान भी छिनने वाला है। नगर निगम के नये भवन के मुख्य द्वार के लिए इस लाइन के सभी भवन तोड़े जाएंगे। इसी लाइन में बने मुख्य कर निर्धारण अधिकारी भी अपने कार्यालय से शुक्रवार को शिफ्ट होकर नए भवन में चले गये। अब वे वहीं बैठेंगे।

पूर्व नगर आयुक्त अभिषेक आनंद ने भी पार्षद कक्ष वाली लाइन में बने भवनों को तोड़कर नए भवन का मुख्य द्वार बनाने का प्रयास किया था। तब पार्षद नगर आयुक्त कक्ष के बाहर कुर्सी लेकर पहुंच गये थे। उन्होंने कहा था कि नए भवन में उनके लिए कक्ष बनाने की बात कही गई लेकिन उनके बैठने की व्यवस्था किए बिना पुराना कक्ष नहीं तोड़ने दिया जाएगा। तब इस लाइन के भवन को तोड़ने का विचार त्याग दिया गया। अब एक साल बाद नगर निगम बोर्ड भंग होने के बाद पार्षद कक्ष को तोड़ने की बारी आ गई है।

नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स ने दो दिन पूर्व ही सभी भवनों को देखा और इसे तोड़ने का आदेश दिया। इसी क्रम में शुक्रवार को मुख्य कर निर्धारण अधिकारी महातम यादव ने अपना कार्यालय खाली कर दिया। वे नए भवन में सहायक नगर आयुक्त को आवंटित हुए कक्ष में बैठेंगे। एक साल पहले बरेली आए सीटीओ को शुरुआत में बैठने के लिए कक्ष नहीं दिया गया था। वे इधर-उधर बैठकर काम चला रहे थे।

काफी कहने सुनने के बाद उन्हें पूर्व नगर आयुक्त ने ही टीन के नीचे सीलन भरे कमरा खाली करवा कर आवंटित करवा दिया। तब नये भवन में कमरा खाली होते हुए भी उन्हें आवंटित नहीं किया गया। सहायक नगर आयुक्त के गाजियाबाद तबादले के बाद सीलन भरे कमरे से मुक्ति पाते हुए इधर आये थे। अब बिना कोई प्रयास किए स्वत: उन्हें नये भवन में कमरा आवंटित हो गया है।

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