प्रयागराज : अतीक अहमद के वकील पर लगे तीन करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार, प्रयागराज । शहर के अतरसुइया थाने में अतीक अहमद के वकील विजय मिश्रा पर तीन करोड़ रुपये रंगदारी मांगने का आरोप लगते हुए तहरीर दी गई है, जिसके आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। तीन करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने का आरोप लगा है। 20 मई 2023 को अतरसुइया थाने में सईद अहमद नामक मुट्ठीगंज के रहने वाले व्यापारी ने विजय मिश्रा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। जिसके अनुसार सईद अहमद की दुकान से विजय मिश्रा के घर 1,20,000 रुपये की प्लाई गई थी। जिसका पैसा मांगने पर आरोपी विजय मिश्रा ने सईद को जान से मारने की धमकी भी दी और उससे रंगदारी की डिमांड की।

शिकायतकर्ता ने कहा कि उसके पास इन आरोपों के सबूत मौजूद हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है। वहीं अतीक अहमद के अधिवक्ता विजय मिश्रा  मामले को पूर्ण रूप से फर्जी एवं निराधार घोषित कर दिया है। विजय मिश्रा द्वारा मीडिया को जानकारी दी गई है कि, लेने देन का मामला हम लोगों के बीच जरूर था जो मात्र 01 लाख 20 हजार का है। जिसमें से उन्होंने ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के तहत 01 लाख के लगभग पेमेंट कर दिया है। बाकी का पैसा भी वह पेमेंट कर देते लेकिन 15 अप्रैल को अतीक अहमद एवं अशरफ की हत्या कर दी जाती है, और उस वक्त वह स्वयं ही उस स्थान पर मौजूद थे इस वजह से वह मानसिक रूप से काफी परेशान हो गए थे। अतः बाकी का पैसा वह समय अनुसार नहीं दे पाए इसी बीच पुलिस द्वारा लगातार उनके फोन की टैपिंग किया जा रहा था। जिसकी वजह से पुलिस को मेरे इस लेनदेन के बारे में पूरी तरीके से जानकारी थी।

पुलिस द्वारा कूट रचित तरीके से सईद अहमद पर मानसिक दबाव बनाया गया था, और जिसके कारण सईद अहमद ने मेरे खिलाफ अतरसुइया थाने पर यह प्रार्थना पत्र दिया, जिसकी बिना किसी पूर्व जांच के मुकदमा दर्ज कर मुझे अपराधी बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आगे यह भी कहा कि अतीक अहमद का वकील होने के कारण मुझपर पहले भी मानसिक रूप से दबाव बनाया गया था। मेरे द्वारा इनकार करने पर मेरे खिलाफ यह राज साजिश रची गई है। यहां तक शौकत हनीफ द्वारा दिया गया बयान भी पूरी तरीके से पुलिस द्वारा बनाए गए दबाव के उपरांत दिया गया बयान जाहिर हो रहा है।

गौरतलब है कि खान सौलत हनीफ ने पुलिस रिमांड के दौरान यह बयान दिया था कि विजय मिश्रा ने व्हाट्सएप कॉल के जरिए 24 फरवरी को उमेश पाल के कोर्ट से निकलने की जानकारी उनके हत्यारों को दी थी। उसके बाद से लगातार विजय मिश्रा के फोन को ट्रैप किया जा रहा था, उसके बाद 20 मई को अतरसुइया थाने में एडवोकेट विजय मिश्रा के खिलाफ रंगदारी का मामला भी दर्ज करा दिया जाता है। अब इस पूरे मामले में जहां शिकायतकर्ता सईद अहमद मीडिया के सामने आने से कतरा रहे हैं, वहीं विजय मिश्रा द्वारा मीडिया को दिए गए बयान से यह साफ जाहिर होता है कि कहीं कोई एक बड़ी साजिश की रचना की जा रही है। अब पुलिस के जांच का विषय है क्या सचमुच विजय मिश्रा द्वारा यह अपराध किया गया है या फिर किसी साजिश के तहत उन्हें इस पूरे मामले में फंसाया जा रहा है।

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