एप्पल कंपनी के अधिकारी विवेक तिवारी के हत्या मामले में पुलिसकर्मी की जमानत याचिका खारिज

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

विधि संवाददाता, लखनऊ, अमृत विचार। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने एप्पल कंपनी के अधिकारी विवेक तिवारी की 28/29 सितम्बर 2018 में हुई हत्या मामले में पुलिसकर्मी प्रशांत चौधरी की दूसरी जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। न्यायालय ने अपने आदेश में यह टिप्पणी भी की है कि अभियुक्त ने मृतक के चेहरे पर गोली मारी थी जो आधी रात में एक पुलिसकर्मी द्वारा की गई क्रूर हत्या थी।

यह आदेश न्यायमूर्ति बृजराज सिंह की एकल पीठ ने पुलिसकर्मी प्रशांत चौधरी की जमानत याचिका को खारिज करते हुए पारित किया। अभियुक्त की ओर से अधिवक्ता राकेश चौधरी की दलील थी कि उक्त घटना मृतक द्वारा गए उकसावे के फलस्वरूप घटित हुई। मृतक ने अभियुक्त पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया था व स्वयं को बचाने के लिए अभियुक्त ने उस पर गोली चलाई।

वहीं जमानत याचिका का मृतक की पत्नी कल्पना तिवारी के अधिवक्ताओं प्रांशु अग्रवाल व चंदन श्रीवास्तव ने विरोध किया। उनके द्वारा दलील दी गई कि सेल्फ डिफेंस का आधार अभियुक्त द्वारा अपनी पहली जमानत याचिका में लिया जा चुका है लिहाजा उस पर दोबारा विचार किए जाने की कोई आवश्यकता नहीं है।

याचिका का राज्य सरकार के अधिवक्ता राजेश कुमार सिंह ने भी विरोध किया। न्यायालय ने सभी पक्षों की बहस सुनने के पश्चात पारित अपने विस्तृत आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया यह हत्या का ही मामला है न कि सेल्फ डिफेंस का।

यह भी पढ़ें:-उन्नाव: मामूली विवाद में अधेड़ की धारदार हथियार से हत्या

संबंधित समाचार