पंतनगर: वैश्विक विकास में शिक्षा तकनीकियों के साथ जुड़ने की आवश्यकता - राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
पंतनगर, अमृत विचार। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि जीबी पंत विश्वविद्यालय वैश्विक स्तर पर कई विश्वविद्यालयों के साथ अनुसंधान और शिक्षण सहयोग को प्रोत्साहित कर रहा है। यह शिक्षा के क्षेत्र में सुधारों को मजबूत करने और राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व करने के लिए सक सराहनीय कदम है। उन्होंने कहा कि वैश्विक विकास में शिक्षा तकनीकियों के साथ जुड़ने की आवश्यकता है। उन्हें विश्वास है कि विश्वविद्यालय इस दिशा में जरूर कार्य करेगा।
राष्ट्रपति मुर्मू मंगलवार को जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर में आयोजित 35वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि भारत ने वर्ष 2030 तक गरीबी और भूख से मुक्त होने का संकल्प लिया है। इन दो लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 और अंत्योदय योजना के तहत प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना एक साहसिक कदम है। ये हमारे शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों और छात्रों के प्रयासों से ही संभव है। हालांकि इस विशेष उपलब्धि को हासिल करने के लिए भारत को एक उचित उद्देश्यपूर्ण रणनीति के साथ एक क्रियान्वयन योजना की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय वर्ष 1960 से अपनी स्थापना के बाद से ही यह विश्वविद्यालय कृषि शिक्षा, अनुसंधान और प्रसार के लिए उत्कृष्टता का प्रतीक बना हुआ है। कई मायनों में इस विश्वविद्यालय ने कृषि शिक्षा में पुनरुत्थान की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय देश का एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय है और कृषि शिक्षा में उच्च प्रतिष्ठा वाला ब्रांड है। साथ ही उन्हें यह जानकारी खुशी हो रही है कि विश्वविद्यालय 11000 एकड़ भूमि क्षेत्र में फैला हुआ है। इसके लिए उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति, प्रबंध परिषद के सदस्यों, संकाय सदस्यों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को बधाई दी।
नई तकनीक से होगा जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना
पंतनगर। राष्ट्रपति ने कहा कि पूरा विश्व अंतरराष्ट्रीय श्री अन्न वर्ष के रूप में मना रहा है। उत्तराखंड में उनकी यह यात्रा बेहद सुखद दे रही है। कारण उत्तराखंड श्री अन्न के उत्पादन में अग्रणी राज्य है। प्रधानमंत्री ने सही कहा है कि वर्तमान दशक उत्तराखंड का दशक है। जो प्राकृतिक खेती औषधीय उत्पादों पर केंद्रित रहेगा। यह सब विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों व संकाय सदस्यों के मार्गदर्शन व प्रयासों से ही सफल हो पायेगा। हालांकि जलवायु परिवर्तन कुछ चुनौतियां भी है, लेकिन इंटरनेट ऑफ थिंग्स, कंप्यूटर विज्ञान, मशीन लर्निंग, बिग डेटा, क्लाउड कंप्यूटिंग नवीन परिवर्तनशील तकनीक भी उपलब्ध है। जिनसे इन समस्याओं का समाधान होगा।
समारोह में 1041 विद्यार्थियों को मिली उपाधि
पंतनगर। राष्ट्रपति ने दीक्षांत समारोह के दौरान कुल 1041 विद्यार्थियों को उपाधि व दीक्षा प्रदान की। इसमें एक विद्यार्थी को कुलाधिपति स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। जबकि 11 विद्यार्थियों को कुलपति स्वर्ण पदक, 11 विद्यार्थियों को रजत और 10 को कांस्य पदक से सम्मानित किया गया।
