रुद्रपुर: बाबा तरसेम हत्याकांड: फरार सुल्तान और हत्यारे अमरजीत के बीच है गहरी दोस्ती

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Edited By Amrit Vichar
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रुद्रपुर, अमृत विचार। नानकमत्ता डेरा कार सेवा प्रमुख बाबा तरसेम सिंह हत्याकांड का मुख्य आरोपी अमरजीत सिंह ने हत्याकांड को अंजाम देने से पहले अपने पैर का उपचार सीमावर्ती अस्पताल में करवाया था। बताया कि हत्यारोपी अपने जिगरी दोस्त बिलासपुर के यहां रुका था और उपचार कराने के बाद हत्या की साजिश भी वहीं रची गई थी। इसके बाद हत्याकांड को अंजाम दिया गया।

बताते चलें कि 28 मार्च की सुबह छह बजे नानकमता डेरा कार सेवा प्रमुख बाबा तरसेम सिंह पर 315 बोर की राइफल से गोली चलाकर हत्या करने का आरोपी अमरजीत सिंह उर्फ बिट्टू उर्फ गंडा निवासी सिहोरा बिलासपुर यूपी का रहने वाला है और ग्राम द हडा बिलासपुर यूपी निवासी सुल्तान सिंह का जिगरी दोस्त है। तफ्तीश में यह बात सामने आई है कि 28 मार्च को हत्याकांड को अंजाम देने से पहले फरवरी माह में हत्यारोपी अमरजीत अपने दोस्त सुल्तान के घर पर रुका था और अपने पैर का इलाज सीमावर्ती अस्पताल में कराया था।

उपचार के दौरान ही फरार चल रहे सुल्तान सिंह और अमरजीत के बीच बाबा तरसेम की हत्या की साजिश रची गई और दोनों ने मिलकर सर्वजीत सिंह निवासी तरनतारन पंजाब को हत्याकांड में शामिल करवाया। हथियार मुहैया कराने से लेकर 10 लाख की सुपारी भी शाहजहांपुर, बाजपुर व बिलासपुर से पकड़े गए साजिशकर्ताओं ने मुहैया कराई थी। बताया जा रहा है कि एक माह तक पैर का उपचार कराने के बाद 28 मार्च को बाबा तरसेम की हत्या की तारीख मुकर्रर की गई। पैर में दिक्कत होने की पुष्टि हत्यारोपी अमरजीत की वायरल फुटेज से भी हो रही है।

जिसमें बाबा पर गोली चलाने के दौरान भी अमरजीत के पैर में पट्टी बंधी हुई है। वहीं सुल्तान का नाम भी पुलिस द्वारा किए गए खुलासे में सामने आया है। बताया जा रहा है कि फरार चल रहे सुल्तान पर बिलासपुर यूपी में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह शातिर अपराधी प्रवृत्ति का है। इन सभी बिंदुओं को देखते हुए पुलिस की एक टीम ने बिलासपुर में डेरा डाल दिया है। 

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