बरेली:यहां तो ब्लड बैंक ही एनीमिया का शिकार...

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Edited By Pradeep Kumar
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जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में एक माह से ब्लड यूनिट की भारी कमी

बरेली, अमृत विचार : एक माह से जिला अस्पताल की ब्लड बैंक खून की कमी से जूझ रही है। इस वजह से गंभीर मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ब्लड बैंक में बुधवार को शाम 5 बजे तक महज 15 यूनिट ब्लड बचा था, जिसमें सिर्फ दो यूनिट ब्लड ही मरीजों को दिया जा सकता है।

अन्य 13 यूनिट की जांच रिपोर्ट लैब से प्राप्त नहीं हुई थी। दरअसल, दो माह से जिले भर में रक्तदान शिविरों का आयोजन नहीं किया गया है। इस कारण ब्लड बैंक में खून की भारी कमी है। ब्लड बैंक में करीब 100 यूनिट ब्लड स्टोरेज की क्षमता है।


किस ग्रुप का कितना यूनिट ब्लड है मौजूद

ए पॉजिटिव - 5 यूनिट, बी पॉजिटिव - 3 यूनिट, ओ पॉजिटिव - 4 यूनिट, बी निगेटिव -1 यूनिट (बिना जांच का) और ए निगेटिव - 1 यूनिट, एबी पॉजिटिव 1 यूनिट (जांच के साथ)।


इसलिए होती है दिक्कत
नियमानुसार खून लेने के बदले लोगों को यहां रक्त देना होता है लेकिन कई तीमारदार इसके लिए तैयार नहीं होते। ब्लड बैंक से कई जरूरतमंद मरीजों को बिना डोनर भी खून दिया जा रहा है। इन मरीजों में हादसे में घायल, जेल से आए कैदी, गर्भवती, नारी निकेतन से आने वाली महिलाएं शामिल हैं।

नियमित रक्तदान के फायदे
रक्तदान करने से शरीर में खून बनने की प्रक्रिया तेज हो जाती है। रक्तदान के बाद होने वाली खून की जांच में एचआईवी, एचवीएसजी, एचसीबी, वीडीआरएल, मलेरिया का पता चल जाता है। इनकी रिपोर्ट निगेटिव होने पर ही रक्त का उपयोग किया जाता है। पॉजिटिव मिलने पर रिपोर्ट की गोपनीयता बरकरार रखते हुए रक्तदाता को इसकी जानकारी दी जाती है।

क्या कहते हैं अधिकारी
जिला अस्पताल की एडीएसआईसी डॉ. अलका शर्मा ने बताया कि  ब्लड बैंक में अधिकांश समय में खून की उपलब्धता रहती है, शिविरों की संख्या कम होने पर ये स्थिति बनती है, हालांकि आगामी सप्ताह से लगातार शिविर आयोजित किए जाएंगे। बड़ी संख्या में गंभीर मरीजों को डोनर न होने पर भी ब्लड दिया जाता है, जिसके चलते खून की कमी हो जाती है।

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