मुरादाबाद : सड़कों पर उड़ रही धूल से बढ़ा वायु प्रदूषण, लोगों की सेहत पर पड़ रहा विपरीत प्रभाव

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कांठ रोड, कांशीराम नगर, बुद्धि विहार क्षेत्र में अधिक है वायु गुणवत्ता सूचकांक

मुरादाबाद, अमृत विचार। दशहरे के बाद से महानगर में वायु प्रदूषण बढ़ा है। वायु गुणवत्ता सूचकांक कई क्षेत्रों में खतरनाक स्थिति में पहुंच रहा है। इसमें सड़कों पर उड़ रही धूल, वाहनों का धुआं प्रमुख कारण बन रहा है। धूल, मिट्टी से लोगों को सांस लेने में मुश्किल हो रही है। वायु प्रदूषण बढ़ने से लोगों की सेहत पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।

दशहरे पर आतिशबाजी के बाद से महानगर में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) खतरनाक स्थिति में पहुंच रहा है। गुरुवार को सर्वाधिक वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) कांशीराम नगर में 152 पर रहा। जबकि दिल्ली रोड पर बुद्धि विहार में वायु गुणवत्ता सूचकांक 135, ट्रांसपोर्ट नगर में 108, जिगर कॉलोनी में 119, ईको हर्बल पार्क क्षेत्र में 110 और कांठ रोड स्थित सेवायोजन कार्यालय क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक 137 भाग प्रति मिलियन (पीपीएम) रहा।

वायु प्रदूषण की प्रमुख वजह सड़कों की धूल, वाहनों का धुंआ, औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाली हानिकारक गैसें बन रही हैं। नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल ने बताया कि वायु प्रदूषण बढ़ने पर स्प्रिंकलर से पानी का छिड़काव सड़कों पर और पेड़ पौधों पर कराया जाता है। महानगर में 10 स्थानों पर वायु गुणवत्ता मापन के लिए डिजिटल मानीटर लगाए गए हैं। वहीं जिला अस्पताल के वरिष्ठ चेस्ट फिजिशियन डॉ. प्रवीण शाह ने बताया कि वायु प्रदूषण बढ़ने पर धूल मिट्टी वाले जगहों पर न जाएं। सांस व दमा के मरीज विशेष सतर्कता बरतें।

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