मुरादाबाद में रामगंगा नदी खतरे के निशान से 42 सेंटीमीटर अधिक

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Edited By Amrit Vichar
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मुरादाबाद, अमृत विचार। उत्तराखंड के पहाड़ों व पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तीन दिन हुई लगातार बारिश से नदियां उफान पर हैं। मुरादाबाद में शुक्रवार को रामगंगा नदी का जलस्तर कटघर रेलवे पुल पर खतरे के निशान खतरे का निशान 190.60 मीटर को पार कर शाम को 191.02 मीटर पर रिकॉर्ड किया गया। हालांकि दिन में जलस्तर 191.22 मीटर पर पहुंच गया था। 

लेकिन शाम को इसमें कमी दर्ज की गई। जिले में बाढ़ से प्रभावित 75 गांवों में रामगंगा नदी का पानी पहुंच गया है। यही नहीं महानगर के नदी के तटीय मोहल्लों आशियाना, नवाबपुरा, लालबाग, बरवलान, वारसी नगर व जामा मस्जिद पुल पर भी नदी का पानी भर गया। ताजपुर माफी में हाईवे पर पानी भरने से जामा मस्जिद पुल से होकर आवागमन रोक दिया गया। जलस्तर बढ़ने पर जिलाधिकारी अनुज सिंह ने प्रशासनिक अधिकारियों को मोर्चे पर लगाया। सदर तहसील के उप जिलाधिकारी डॉ. राममोहन मीना ने टीम के साथ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंच कर रेस्क्यू कार्य में जुट गए।

सुबह नदी का जलस्तर बढ़ने पर लोगों में अफरा तफरी मच गई थी। जिसके बाद अधिकारियों ने वहां पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। निचले इलाके के लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए कहा गया। रामगंगा नदी का जलस्तर कटघर रेलवे पुल पर शाम को कम होकर 191.02 मीटर आने से प्रशासन को बचाव कार्य में सहूलियत मिली। वहीं रामगंगा नदी कालागढ़ में जलसतर 347.800 मीटर रहा। जबकि खतरे का स्तर 365.300 मीटर है। डिस्चार्ज शून्य रहा। गागन नदी का मुरादाबाद में भी जलस्तर बढ़ते क्रम में 189.80 मीटर रिकॉर्ड किया गया। इसका खतरे का निशान 192.28 मीटर है।

जिलाधिकारी ने लोगों से धैर्य रखने की अपील की है। कहा कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। नदियों के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए इंतजाम किए गए हैं।

 

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