Bareilly : पहलगाम आतंकी हमले में मददगार बताकर 42 घंटे रखा डिजिटल अरेस्ट
बरेली, अमृत विचार। साइबर ठगों ने प्रेमनगर थाना क्षेत्र में सेवानिवृत्त महिला बैंक मैनेजर को पहलगाम आतंकी हमले में मददगार बताकर 42 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रखा। साथ ही ठगों ने नो इन्वॉल्वमेंट सर्टिफिकेट देने के नाम पर 70 लाख रुपये की मांग की।
सूचना मिलने के बाद प्रेमनगर थाना पुलिस के साथ पहुंचे एसपी सिटी ने महिला को डिजिटल अरेस्ट से मुक्त कराया। थाना क्षेत्र के एकता नगर निवासी गुलशन कुमारी बैंक ऑफ बड़ौदा से बैंक मैनेजर के पद से सेवानिवृत्त हैं।
वह अविवाहित हैं। यहां पर भाई महेंद्र व उसके परिवार के साथ रहती हैं। उनके मोबाइल पर सोमवार दोपहर अज्ञात नंबर से वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को पहलगाम पुलिस स्टेशन का अधिकारी बता कर उन्हें धमकाना शुरू कर दिया।
कहा कि उसने पहलगाम हमले में आतंकियों का साथ दी हैं। इतना ही नहीं उनके आधार कार्ड के जरिये आईएसआईएस आतंकी संगठन ने मोबाइल फोन और सिम कार्ड खरीदा है। साथ ही बचने और नो इन्वॉल्वमेंट सर्टिफिकेट देने के नाम पर 70 लाख रुपये की मांग की।
इस तरह से उन्हें 48 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रखा। बहन को लगातार गुमसुम देखकर भाई महेंद्र को शक हुआ तो उसने डायल-112 और एसएसपी अनुराग आर्य को सूचना दी। इस पर एसपी सिटी मानुष पारीक ने प्रेमनगर थाना प्रभारी आशुतोष रघुवंशी के साथ पहुंच कर महिला को मुक्त कराया।
प्रेमनगर थाना प्रभारी आशुतोष रघुवंशी ने बताया कि ठगों ने रिटायर्ड महिला बैंक अधिकारी को डरा-धमका कर डिजिटल अरेस्ट कर रखा था और 70 लाख रुपये की मांग कर रहे थे, लेकिन उनके भाई की सूझबूझ और पुलिस की तत्परता से ठगी का शिकार होने से बच गईं।
