यूपी पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन को मिला स्टेट ट्रांसमिशन कंपनी ऑफ द ईयर का अवार्ड

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लखनऊ, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन को “स्टेट ट्रांसमिशन कंपनी ऑफ द ईयर” का अवार्ड मिला है। यह अवार्ड दिल्ली में भारत इलेक्ट्रिसिटी-पावरिंग इंडिया अवॉर्ड्स 2025 में मिला है। राष्ट्रीय स्तर पर उत्तर प्रदेश ट्रांसमिशन को रिकॉग्नाइज करना यह उत्तर प्रदेश के ऊर्जा विभाग के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। यह जानकारी उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ के महासचिव इंजीनियर जितेंद्र सिंह गुर्जर ने दिया है।

महासचिव इंजीनियर जितेंद्र सिंह गुर्जर ने कहा कि यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व, ट्रांसमिशन प्रबंधन के मार्गदर्शन और प्रदेश के सभी विद्युत अभियंता की कड़ी मेहनत का परिणाम है।  उत्तर प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र में कार्यरत विद्य़ुत अभियंता विद्युत उत्पादन, पारेषण व वितरण में पायनियर हैं। पूरे देश की पहली 50 मेगावाट, 100 मेगावाट एवं 200 मेगावाट की उत्पादन इकाई सबसे पहले उत्तर प्रदेश के अभियंताओं के द्वारा ओबरा में स्थापित कराई गई। पारेषण के क्षेत्र में पूरे देश का पहला 400 केवी विद्युत उप संस्थान उत्तर प्रदेश के अभियंताओं के ही प्रयासों से सारनाथ में लगाया गया। बिजली के क्षेत्र में पूरे देश में उत्तर प्रदेश ने सदैव अग्रणी भूमिका निभाई है। 

उन्होंने बताया कि यूपी में सर्वाधिक बिजली की मांग 30 हजार 618 मेगावाट की डिमांड को सफलतापूर्वक पूरा किया गया। पूरे देश में सर्वाधिक ट्रांसमिशन कैपेसिटी उत्तर प्रदेश में है जोकि 169,079 एमवीए है। पूरे देश में सबसे अधिक ट्रांसमिशन लाईन उप्र ट्रांसको की है जो कि 55,051 सर्किट किमी. है। बेहतर पॉवर अवलेबिलटी 98.38 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में है, ट्रांसमिशन लॉस मात्र 3.22 प्रतिशत है। महासचिव ने यह भी बताया कि विद्युत वितरण निगमों का प्रबंधन यदि कुशल अभियंताओं के हाथों में दिया जाए तो मात्र एक वर्ष में ही इसके सार्थक परिणाम धरातल पर दिखाई देना प्रारंभ हो जाएंगे। वर्तमान में ऊर्जा प्रबंधन यदि निजीकरण के प्रस्ताव को निरस्त कर अभियंताओं को विश्वास में लेकर निगम हित में कार्य करें तो भी वितरण निगमों को सुधारा जा सकता है। 

संघ के महासचिव ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के प्रस्ताव को निरस्त करते हुए यदि प्रदेश के विद्युत अभियंताओं को विश्वास में लेकर कार्य किया जाए तो वितरण निगमों की परफार्मनेन्स में गुणात्मक सुधार दिखायी देगा जिससे प्रदेश की जनता को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी तथा वितरण निगमों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को ध्यान में रखते हुए यह भी अनुरोध किया गया है कि नये ट्रॉसमिशन के उपकेंद्र टीबीसीबी के माध्यम से न बनाते हुए उप्र पॉवर ट्रॉसमिशन द्वारा ही बनाये जाएं।

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