कानपुर : निर्यातक गोरखपुर से समझेंगे घरेलू बाजार की नब्ज, ट्रेड शो में होंगे शामिल

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

कानपुर, अमृत विचार। शहर के निर्यातक गोरखपुर से पूर्वांचल के बाजार की नब्ज समझेंगे। निर्यातकों की सहायता वहां पर लगने वाले ट्रेड करने वाला है। शहर के निर्यातक ट्रेड शो में शामिल होने जा रहे हैं। उनका मानना है कि टैरिफ के बाद पूर्वांचल की डोमेस्टिक मार्केट की नब्ज टटोलने का यह बेहतर मौका है। गोरखपुर में 29 नवंबर से 1 दिसंबर तक ट्रेड शो आयोजित होने जा रहा है।

इस ट्रेड शो से शहर से भी लेदर और टैक्सटाइल के निर्यातक शामिल होने जा रहे हैं। निर्यातकों का मानना है कि यह ट्रेड शो निर्यात बाजार के लिए तो जरूरी है ही इसके साथ ही पूर्वांचल के घरेलू बाजार की पसंद व कारोबार का तरीका समझने के लिए बेहतर मौका है। निर्यातक यह भी मान रहे हैं कि गोरखपुर में नेपाल के कारोबारियों से संपर्क हो सकता है। ऐसे में नए ऑर्डर के लिए यह ट्रेड शो इस समय बड़ी जरूरत बनकर आया है।

ट्रेड शो पर सना इंटरनेशनल एक्जिम के एमडी डॉ. जफर नफीस ने बताया कि ट्रेड शो विदेशी व घरेलू बाजार को समझने का एक बड़ा जरिया होता है। टैरिफ के बाद निर्यातक घरेलू और वैश्विक दोनो ही तरह के खरीदारों के साथ अधिक से अधिक संपर्क करना चाहते हैं। ऐसे में गोरखपुर में लगने वाला यह ट्रेड शो निर्यातकों के लिए बड़ा मौका बन कर आया है। यही वजह है कि ट्रेड शो से शहर से लेदर और टैक्सटाइल दोनो ही सेक्टर के निर्यातक शामिल होने जा रहे हैं।   

घाटा कम करने की होढ़
अमेरिका की ओर से टैरिफ लगने के बाद शहर के निर्यातक अपना घाटा पूरा करने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए वह घरेलू बाजार के ऑर्डर भी पूरे कर रहे हैँ। शहर में लेदर सेक्टर से जुड़े दो दर्जन से अधिक निर्यातक हैं जिन्होंने टैरिफ के बाद से डोमेस्टिक ऑर्डर पूरे करने में जुट गए हैं। 

कर्मचारियों का वेतन जरूरी
टैरिफ के बाद से निर्यातकों पर ऑर्डर मिलने की परेशानी खड़ी हो गई है। कई निर्यातक नए विदेशी बाजार को तलाशने की जुगत में हैं। ऐसे में उनका मानना है कि घरेलू ऑर्डर से युनिट्स के कर्मचारियों को वेतन देने के लिए जरूरी है। निर्यातकों का यह भी मानना है कि यदि उन्हें घरेलू ऑर्डर मिलते हैं तो इससे युनिट्स में काम कम होने का खतरा कम होता है। ऐसे में युनिट्स लगातार चलने पर कर्मचारियों का वेतन और अन्य व्यापारिक खर्चे आराम से पूरे होने लगते हैं।

संबंधित समाचार