यूपी : संकट की घड़ी में महिलाओं-बालिकाओं का सहारा बनी महिला हेल्पलाइन
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण को लेकर राज्य सरकार की पहल लगातार प्रभावी साबित हो रही है। इसी क्रम में संचालित 181 महिला हेल्पलाइन संकट की घड़ी में महिलाओं और बालिकाओं के लिए भरोसेमंद सहारा बनकर उभरी है। अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2017 से शुरू की गई यह टोल फ्री सेवा प्रदेश भर में चौबीसों घंटे सक्रिय है और अब तक इसके माध्यम से 8.42 लाख से अधिक महिलाओं को सहायता प्रदान की जा चुकी है।
घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद, उत्पीड़न या अन्य किसी आपात स्थिति में फंसी महिलाएं 181 नंबर पर कॉल कर तुरंत मदद और परामर्श प्राप्त कर रही हैं। इस हेल्पलाइन के माध्यम से महिलाओं को न केवल त्वरित सहायता मिल रही है, बल्कि उन्हें मानसिक संबल और आत्मविश्वास भी मिल रहा है।
महिला हेल्पलाइन महिलाओं और बालिकाओं के लिए एक समर्पित सहायता तंत्र के रूप में कार्य कर रही है। इसके माध्यम से प्रदेश के किसी भी जिले या गांव से महिलाएं अपनी समस्या साझा कर सकती हैं। कॉल सेंटर में तैनात प्रशिक्षित परामर्शदाता महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हैं और उन्हें उचित मार्गदर्शन तथा आवश्यक सहायता उपलब्ध कराते हैं।
इससे कठिन परिस्थितियों में घिरी महिलाओं को समाधान की दिशा में मदद मिलती है। महिला हेल्पलाइन 181 को इस प्रकार विकसित किया गया है कि यह 24 घंटे सक्रिय रहकर महिलाओं को तत्काल सहायता उपलब्ध करा सके। किसी भी समय आने वाली कॉल को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाता है और समस्या के अनुरूप परामर्श या आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाता है।
इस व्यवस्था के चलते प्रदेश की महिलाएं अब बिना झिझक अपनी समस्या साझा कर पा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह हेल्पलाइन महिला सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है और इससे समाज में महिलाओं के प्रति सुरक्षा और भरोसे का वातावरण मजबूत हो रहा है।
