आमदनी अठन्नी खर्चा रुपइया.... बढ़े पेट्रोल-डीजल के दामों से वाराणसी की जनता खफा, बजट बिगड़ने का बया किया दर्द 

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
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वाराणसी। पांच दिनो के अंतराल में दूसरी बार बढ़े पेट्रोल और डीजल के दाम से काशी के लोग खफा दिखायी दिये। लोगों का कहना है कि आमदनी और पगार पहले जितनी ही है, लेकिन गैस, पेट्रोल, डीजल समेत अन्य जरूरी चीजें लगातार महंगी होती जा रही हैं जिससे परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। महमूरगंज निवासी संतोष गिरी ने बताया कि वे पेशे से मार्केटिंग फील्ड से जुड़े हैं। उन्हें प्रतिदिन 30 से 40 किलोमीटर घूमना पड़ता है। 

शुक्रवार को ही पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े थे, अब एक बार फिर करीब 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो गई है। 16,000 रुपये की सैलरी में इस महंगाई में परिवार कैसे चलाया जाए। मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव शोभित विश्वकर्मा ने बताया कि वे बिहार के रहने वाले हैं। पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ खाने-पीने की चीजों के दाम भी बढ़ने शुरू हो गए हैं। होटल में जो खाना पहले 80-90 रुपये में मिल जाता था, अब 110-120 रुपये में मिल रहा है। दूध के दाम भी बढ़ चुके हैं। 

उन्होंने कहा कि सरकार के मंत्री, विधायक और सांसदों को अपने वेतन में कटौती कर जनता के दर्द को समझना चाहिए। महमूरगंज पंप पर पेट्रोल भरवाने पहुंची चार्टर्ड अकाउंटेंट शिवांगी ने कहा, "ये महंगाई और बढ़ेगी, क्योंकि पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ते ही हर चीज महंगी हो जाती है। सबसे ज्यादा मध्यम और निम्न वर्ग परेशान है। जिनकी तनख्वा सीमित है या आय निश्चित है, वे इस महंगाई को कैसे झेलेंगे। सरकार की ओर से कोई प्रभावी आर्थिक नीति नजर नहीं आ रही है।

 

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