Bareilly News: TGT परीक्षा में पकड़ा गया 'मुन्ना भाई'...डेढ़ लाख लेकर दूसरे की जगह देने आया था परीक्षा
दूसरे अभ्यर्थी की जगह देने आया था परीक्षा, बायोमेट्रिक सत्यापन में खुला भेद
जिले में आयोजित टीजीटी (प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक) परीक्षा के दौरान एक फर्जी अभ्यर्थी पकड़े जाने से हड़कंप मच गया। आरोपी दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देने आया था। परीक्षा केंद्र पर बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान उसका भेद खुल गया। मामले की सूचना मिलते ही शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।
बरेली, अमृत विचार। जिले में आयोजित टीजीटी (प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक) परीक्षा के दौरान एक फर्जी अभ्यर्थी पकड़े जाने से हड़कंप मच गया। आरोपी दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देने आया था। परीक्षा केंद्र पर बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान उसका भेद खुल गया। मामले की सूचना मिलते ही शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।
बायोमेट्रिक सत्यापन में पकड़ा गया
दरअसल टीजीटी परीक्षा के लिए निर्धारित केंद्र पर सभी परीक्षार्थियों का प्रवेश से पहले बायोमेट्रिक सत्यापन किया जा रहा था। इसी दौरान एक अभ्यर्थी का अंगूठे का निशान परीक्षा आवेदन में दर्ज विवरण से मेल नहीं खाया। संदेह होने पर परीक्षा केंद्र के अधिकारियों ने उससे पूछताछ की, जिसमें वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।
आजमगढ़ का रहने वाला है आरोपी
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी प्रमोद कुमार आजमगढ़ का रहने वाला है। वह फर्रुखाबाद निवासी अभ्यर्थी विमल कुमार के स्थान पर परीक्षा देने इस्लामिया गर्ल्स इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पहुंचा था। आरोपी ने एडवांस भी ले लिया था। जबकि बचा भुगतान परीक्षा पास होने के बाद मिलने की बात तय थी। सिटी मजिस्ट्रेट आरके वर्मा ने बताया कि परीक्षा शुरू होने के बाद स्टेटिक मजिस्ट्रेट और कॉलेज प्रशासन की टीम अभ्यर्थियों के दस्तावेजों और पहचान का सत्यापन कर रही थी। इसी दौरान प्रमोद के व्यवहार और हाव-भाव पर संदेह हुआ। आरोपी का आधार कार्ड और प्रवेश पत्र का मिलान किया गया तो वह पकड़ा गया। इ
पूछताछ में उलगा सच
कड़ाई से पूछताछ करने पर पता चला कि वह असली अभ्यर्थी नहीं है, बल्कि उसकी जगह परीक्षा देने आया था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इसके लिए करीब डेढ़ लाख रुपये का सौदा तय हुआ था। आरोपी को परीक्षा में बैठाकर असली अभ्यर्थी को अवैध तरीके से सफलता दिलाने की योजना बनाई गई थी।
पुलिस कर रही मामले की जांच
परीक्षा केंद्र प्रशासन ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर उसके दस्तावेज कब्जे में ले लिए। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
जिले भर में बनाए गए थे 20 केंद्र
बता दें कि बरेली में टीजीटी परीक्षा के लिए जिले भर में 20 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। जहां कुल 32,365 अभ्यर्थियों के परीक्षा में शामिल होने की व्यवस्था की गई थी। परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सभी केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी और स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा में किसी भी प्रकार की धांधली करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
