Census 2027: प्रयागराज में जनगणना का पहला चरण पूरा, 12.12 लाख मकान और 71 लाख से ज्यादा आबादी का अनुमान
प्रयागराज, अमृत विचार। प्रयागराज में जनगणना के पहले चरण का कार्य पूरा हो गया है। इस चरण में मकानों की गणना और उनका सत्यापन शामिल था। जिला प्रशासन ने शनिवार को सत्यापन प्रक्रिया भी पूरी कर ली। हालांकि, मकानों की गणना से जुड़े आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए जाएंगे। दरअसल, प्रदेश सरकार आने वाले दिनों में आधिकारिक रूप से इन आंकड़ों को जारी करेगी।
12 लाख से ज्यादा मकान
जिला जनगणना अधिकारी एवं एडीएम (वित्त एवं राजस्व) विनीता सिंह के अनुसार, जिले में मकानों की संख्या बढ़कर करीब 12 लाख 12 हजार हो गई है। वहीं, जनसंख्या का प्रारंभिक अनुमान 71.10 लाख तक पहुंच चुका है। प्रशासन का मानना है कि घुमंतू और अस्थायी आबादी को शामिल करने के बाद यह संख्या 72 से 73 लाख तक पहुंच सकती है। वास्तविक जनसंख्या की गणना फरवरी 2027 में की जाएगी।
हजारों कर्मियों ने संभाली जिम्मेदारी
जनगणना प्रक्रिया के तहत 5 से 20 मई तक स्वगणना अभियान चलाया गया, जिसमें करीब 49 हजार लोगों ने स्वयं अपनी जानकारी दर्ज की। इसके बाद मकानों की गणना शुरू की गई। इस कार्य के लिए 3,069 प्रगणक और 548 सुपरवाइजर लगाए गए थे। चार दिन पहले ही मकानों की गणना का काम पूरा हो गया था, जबकि बीते चार दिनों में सत्यापन अभियान चलाकर छूटे हुए मकानों को भी सूची में शामिल किया गया।
2011 के मुकाबले बड़ा इजाफा
वर्ष 2011 की जनगणना के दौरान प्रयागराज में 9.68 लाख मकान और 59.59 लाख की आबादी दर्ज की गई थी। अब शुरुआती आंकड़ों के अनुसार मकानों की संख्या में करीब ढाई लाख की बढ़ोतरी हुई है, जबकि जनसंख्या में लगभग 11 लाख की वृद्धि का अनुमान लगाया जा रहा है। यह बढ़ोतरी जिले के तेजी से हो रहे शहरी और ग्रामीण विस्तार को भी दर्शाती है।
अभी बाकी है यह काम
प्रशासन के अनुसार, अभी घुमंतू परिवारों, मठ-मंदिरों के आसपास रहने वाले लोगों, रेलवे स्टेशन और सड़कों के किनारे निवास करने वाले लोगों की गणना की जानी बाकी है। पहले चरण के बाद अब जनगणना के अगले चरण का काम शुरू कर दिया गया है, जिसमें आबादी से जुड़े विस्तृत आंकड़े जुटाने के लिए कर्मचारियों की टीमें काम करेंगी। अधिकारियों का कहना है कि सभी वर्गों की गणना पूरी होने के बाद प्रयागराज की आबादी 72 से 73 लाख के बीच पहुंच सकती है।
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