Bareilly News : NEET री-एग्जाम के दौरान परीक्षा केंद्र पर छात्रा की बिगड़ी तबीयत, मची अफरा-तफरी; अस्पताल में कराया गया भर्ती
इज्जतनगर निवासी छात्रा तन्वी को रामपुर गार्डन स्थित निजी अस्पताल में कराया गया भर्ती
बरेली, अमृत विचार। रविवार को आयोजित NEET-UG 2026 की पुनः परीक्षा (री-एग्जाम) के दौरान उस वक्त हड़कंप मच गया, जब बरेली कॉलेज परिसर स्थित ब्लॉक-ई परीक्षा केंद्र पर एक महिला परीक्षार्थी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। केंद्र पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया, लेकिन वहां तैनात अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए छात्रा को तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया। राहत की बात यह है कि समय पर इलाज मिलने से छात्रा की हालत अब स्थिर है।
जानकारी के मुताबिक, इज्जतनगर थाना क्षेत्र के मुंशी नगर निवासी छात्रा तन्वी बरेली कॉलेज के ब्लॉक-ई में परीक्षा दे रही थी। इसी दौरान अचानक उसकी तबीयत खराब होने लगी। स्थिति को देखते हुए केंद्र व्यवस्थापकों और अधिकारियों ने बिना कोई देरी किए उसे रामपुर गार्डन स्थित धनवंतरी अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सालय प्रबंधन के अनुसार, डॉक्टरों की निगरानी में छात्रा का उपचार किया गया है और अब वह पूरी तरह से खतरे से बाहर है। घटना की सूचना छात्रा के परिजनों को भी दे दी गई है।
शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई परीक्षा
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि छात्रा की तबीयत बिगड़ने की घटना से परीक्षा पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा। केंद्र पर किसी प्रकार की अव्यवस्था या कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई और अन्य सभी परीक्षार्थियों ने निर्धारित समय के अनुसार शांतिपूर्ण ढंग से अपनी परीक्षा पूरी की।
प्रदेशभर में 3.5 लाख अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा
आपको बता दें कि रविवार को उत्तर प्रदेश के 59 जिलों में NEET-UG 2026 की पुनः परीक्षा आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में प्रदेश भर से लगभग साढ़े तीन लाख अभ्यर्थी शामिल हुए। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक चली, जिसमें इस बार अभ्यर्थियों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया गया था। परीक्षा देकर निकले कई छात्रों का कहना था कि पिछली बार की तुलना में इस बार का प्रश्नपत्र अधिक कठिन था।
सुरक्षा और निगरानी के पुख्ता इंतजाम
री-एग्जाम को पारदर्शी और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए केंद्रों पर सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे। प्रश्नपत्रों को जीपीएस युक्त वाहनों के माध्यम से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया गया। इसके अलावा, सभी केंद्रों की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे और प्रवेश से पहले सभी अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का गहन सत्यापन तथा बॉयोमेट्रिक जांच सुनिश्चित की गई।
