यूपी सरकार ने होम स्टे नीति में किया बदलाव, अब आठ कमरों तक मिलेगा पंजीकरण
- बीएंडबी और होम स्टे इकाइयों को ऑटो रिन्यूअल की सुविधा
लखनऊ, अमृत विचार : प्रदेश सरकार ने होम स्टे और बेड एंड ब्रेकफास्ट (बीएंडबी) नीति-2025 में महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। इन बदलावों का उद्देश्य राज्य में तेजी से बढ़ रही पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना और पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक सरल एवं पारदर्शी बनाना है।
अब 8 कमरों तक हो सकेगा पंजीकरण
संशोधित नीति के तहत शहरी क्षेत्रों में होम स्टे इकाइयों में अब न्यूनतम 1 और अधिकतम 8 कमरे (16 शैय्या) तक पंजीकरण की अनुमति होगी। इससे पहले यह सीमा 6 कमरों तक सीमित थी।
बीएंडबी इकाइयों को भी मिली राहत
बीएंडबी श्रेणी की इकाइयों में अब आवासीय या विकास प्राधिकरण से लीज पर लिए गए भवनों में अधिकतम 8 कमरे पंजीकृत किए जा सकेंगे। इन इकाइयों में पर्यटकों को आवास के साथ नाश्ता और भोजन उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। साथ ही केयरटेकर का निवास भी जरूरी रहेगा और लीज अवधि कम से कम तीन वर्ष निर्धारित की गई है।
ऑटो-रिन्यूअल से आसान हुई प्रक्रिया : सरकार ने पंजीकृत इकाइयों के लिए पोर्टल आधारित स्व-नवीनीकरण (ऑटो-रिन्यूअल) सुविधा भी शुरू की है। इसके तहत संचालक पंजीकरण समाप्त होने से तीन माह पहले ऑनलाइन माध्यम से नवीनीकरण कर सकेंगे। इससे समय की बचत होगी और कागजी कार्रवाई व विभागीय प्रक्रियाओं में कमी आएगी।
पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के अनुसार इन संशोधनों से राज्य में पर्यटन अवसंरचना मजबूत होगी, स्थानीय उद्यमिता को प्रोत्साहन मिलेगा और पर्यटन आधारित रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
