Raebareli News: टॉन्सिल ऑपरेशन के दौरान बच्ची को आया होश! हालत बिगड़ने पर वेंटिलेटर पर भर्ती, नर्सिंग होम सील
रायबरेली में टॉन्सिल ऑपरेशन के दौरान 10 वर्षीय बच्ची के होश में आने और चिकित्सीय लापरवाही के आरोपों के बाद हड़कंप मच गया। स्वास्थ्य विभाग ने निजी नर्सिंग होम सील कर जांच शुरू कर दी है।
रायबरेली, अमृत विचार। जिले के एक निजी नर्सिंग होम में 10 वर्षीय बच्ची के टॉन्सिल ऑपरेशन के दौरान कथित चिकित्सीय लापरवाही का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बीच बच्ची को होश आ गया, जिससे वह दर्द से चीखने लगी। इसके बाद दोबारा इंजेक्शन दिए जाने के बाद उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई। गंभीर हालत में उसे लखनऊ रेफर किया गया, जहां वह वेंटिलेटर पर भर्ती है। मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित नर्सिंग होम को सील कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, प्रतापगढ़ जिले की लालगंज अझारा तहसील के पूरे बोधी सिंह मजरे अगई निवासी शरद कुमार सिंह अपनी 10 वर्षीय बेटी शिवानी सिंह को गले में तकलीफ और टॉन्सिलाइटिस की शिकायत पर 29 जून को रायबरेली के शाश्वत नर्सिंग होम लेकर पहुंचे थे। डॉक्टर की सलाह पर 30 जून को बच्ची का ऑपरेशन किया गया।
परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान अचानक बच्ची को होश आ गया और उसकी चीख-पुकार ऑपरेशन थिएटर से बाहर तक सुनाई देने लगी। कुछ देर बाद अस्पताल कर्मियों ने बच्ची को परिजनों की गोद में देकर वार्ड में ले जाने को कहा, लेकिन वह दर्द से तड़पती रही। आरोप है कि इसके बाद उसे दोबारा ऑपरेशन थिएटर ले जाकर इंजेक्शन लगाया गया, जिसके बाद वह पूरी तरह बेहोश हो गई।
शिकायत के मुताबिक, नर्सिंग होम में वेंटिलेटर, ऑक्सीजन और अन्य जरूरी आपातकालीन सुविधाएं पर्याप्त नहीं थीं। बच्ची की हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने सीपीआर देकर उसकी धड़कन सामान्य करने का प्रयास किया और फिर उसे लखनऊ रेफर कर दिया। परिजन निजी ऑक्सीजन एम्बुलेंस से बच्ची को अपोलो अस्पताल लेकर पहुंचे। उनके साथ नर्सिंग होम के डॉ. अमित सिंह और एक स्टाफ सदस्य भी गए।
परिजनों का दावा- अपोलो के चिकित्सकों ने बच्ची को बताया ब्रेन डेड
परिजनों का दावा है कि अपोलो अस्पताल के चिकित्सकों ने बच्ची को ब्रेन डेड बताया। हालांकि, उसकी स्थिति और चिकित्सकीय निष्कर्षों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित अस्पताल की ओर से सार्वजनिक नहीं की गई है। फिलहाल बच्ची वेंटिलेटर पर उपचाराधीन है और मामले की जांच जारी है।
घटना के बाद परिजनों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच, दोषी चिकित्सक एवं नर्सिंग होम प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. नवीन चंद्रा ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। प्रारंभिक कार्रवाई के तहत संबंधित निजी नर्सिंग होम को सील कर दिया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
