महंत के पास से मिले थे पांच सौ के 13 नकली नोट

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Published By Indrabhushan Dubey
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भेजा गया जेल, साथी की तलाश में पुलिस दे रही दबिश

कार्यालय संवाददाता, लखनऊ, अमृत विचार: दुबग्गा के  झाखरबाग में नकली नोट चलाते समय पुलिस ने शनिवार को महंत को गिरफ्तार किया था। रविवार को विशेष कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया था। पुलिस ने आरोपी के पांच सौ के 13 नकली नोट बरामद किये थे। पुलिस पूरे नेटवर्क की कुंडली खंगाल रही है। वहीं, महंत के फरार साथी की तलाश में दबिश दे रही है।

दुबग्गा इंस्पेक्टर श्रीकांत राय के मुताबिक शनिवार दोपहर झाखर बाग चौराहे के पास एक युवक दुकानों पर 500 रुपये के नोटों से खरीदारी कर रहा था। दुकानदार को शक होने पर उसने नोट चेक किया तो वह नकली निकला। इसके बाद भीड़ ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आरोपी की तलाशी ली तो उसके पास से 500-500 के करीब 13 नकली नोट मिले। सभी नोटों पर सीरियल नंबर एक जैसा था। पुलिस महंत को हिरासत में लेकर थाने ले आई। पूछताछ में उसकी पहचान रहीमाबाद निवासी संजीव मिश्रा उर्फ बाबाजी के रूप में हुई। वह दुबग्गा के मौलवी खेड़ा निवासी है और सिद्धेश्वरी मंदिर के पास महंतगिरी करता है।

ढाई सौ रुपये का सामान लेकर देता था पांच सौ 
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में महंत ने पुलिस को बताया कि उसे नकली नोट खपाने के बदले आधी कीमत मिलती थी। यानी 500 का नकली नोट चलाने पर उसे 250 रुपये दिए जाते थे। उसने एक साथी का नाम भी बताया जो रहीमाबाद थाना क्षेत्र का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपी के बताए पते पर दबिश दी, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही वह फरार हो गया। इंस्पेक्टर ने बताया कि फरार आरोपी की तलाश में टीम लगाई गई है। उसके मोबाइल नंबर और बैंक ट्रांजेक्शन की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने रविवार को महंत संजीव मिश्रा का मेडिकल कराने के बाद उसे जेल भेज दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ नकली नोट चलाने और धोखाधड़ी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज किया है। बरामद नोटों को एफएसएल जांच के लिए भेजा जाएगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस बात की भी जांच हो रही है कि ये नकली नोट कहां से छपे और किन-किन इलाकों में खपाए गए। नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

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