कॉलेज का पहला दिन
1995, 1997 में क्रमशः 10 वीं व 12 वीं में कड़ी मेहनत और स्क्रुटनी कराने के बाद भी फर्स्ट न आ पाया, तो मन नेतागिरी में लगा, जिसका फायदा ये मिला कि क्राइस्ट चर्च जैसे कॉलेज में बीकॉम में प्रवेश मिल गया। समाज और फैशन को देखते हुए माता जी ने स्वयं चलकर 3-4 जोड़ी नए कपड़े दिलाए, जिसमें से कॉलेज के पहले दिन ब्लू जींस - व्हाइट शर्ट पहन (अक्षय कुमार) बन के गया। कुछ ही दिनों में हमारी हीरोपंती से प्रभावित 4-5 मित्र (विपुल, गोपाल, सईद, नितिन, परवेज) खास बन गए और हम मित्रों ने ही मिलकर बड़े भाई आशीष निगम और तत्कालीन अध्यक्ष स्व चंद्र प्रकाश (चंदू भैया) के सहयोग से स्वयं ही बीकॉम की फ्रेशर पार्टी का आयोजन कर डाला, जो 2nd व 3rd वर्ष के सीनियर देता थे।
प्रिंसिपल आदरणीय जॉन पैटरसन के अनुसार ये पार्टी इसलिए भी एतिहासिक रही, क्योंकि विगत 7-8 वर्षों से कॉलेज में फ्रेशर पार्टी ही नहीं हुई थी। चूंकि नेतागिरी से प्रवेश मिला था तो छात्रहित के लिए हमेशा उपलब्ध रहते थे, इसलिए 40-50 लड़के हमेशा साथ रहते थे। भौकाल को देखते हुए स्वर्गीय जितेंद्र बहादुर सिंह जी ने छात्र सेना का नगर मंत्री मनोनीत कर दिया, अब शुरू हुई नेतागिरी, साथियों संग मिल तमाम कोचिंग बंद करा दी, जिसका संचालन कॉलेज के प्रोफेसर करते थे। हमारा मानना था क्लास में पढ़ाइए और कमाई के लिए कोचिंग युवाओं को पढ़ाने दीजिए।
जैसे-तैसे 3 वर्षों में बिना कठिन मेहनत किए भी 2000 में 58% से स्नातक हो गए, फिर राजनीति में लगन को देखते हुए बड़े भाई चक्रेश अवस्थी ने डीएवी में एडमिशन करा दिया, लेकिन अचानक उनकी मौत और परिवार में राजनीतिक पृष्ठभूमि से किसी के न होने के कारण एम कॉम की पढ़ाई 1st ईयर में ही छोड़ दी और प्राइवेट बैंक में नौकरी ज्वाइन कर ली, लेकिन उस दौरान नौकरी में, कला में, व्यापार में सभी जगह देखा कि लोग छोटे और हुनरमंद लोगों को आगे बढ़ने का मौका नहीं देते, उनके आइडिया कॉन्सेप्ट को चुराकर स्वयं वही कार्य कर गलत तरीके से पैसा कमाते थे, जिसका मैं स्वयं भी कई बार शिकार हुआ, जिसकी वजह से मन बहुत आहत हुआ और इन बातों को मैंने बहुत गहराई से लिया और समय आने पर 2019 में गोल्डन डेज नाम से इवेंट कंपनी बनाई और 2020 में सामाजिक कार्य करने के उद्देश्य से गोल्डन क्लब की स्थापना की। उसी वर्ष कोरोना के दूसरे काल में क्लब के सदस्यों द्वारा उन शवों को कंधा देना और अंतिम संस्कार कराने का काम किया, जिनको उनके अपने हाथ भी नहीं लगा रहे थे।
शुरुआत से ही क्लब के माध्यम से लोगों को मनोरंजन, भारतीय संस्कृति, संयुक्त परिवार जीवनशैली, संस्कार, तनावमुक्त जीवन, राष्ट्रभक्ति और आपसी प्रेम - स्नेह को बढ़ावा देने हेतु विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए और इवेंट कंपनी गोल्डन डेज के माध्यम से उनमें से चयनित, इच्छुक और हुनरमंद बच्चों और युवाओं को मंच/रोजगार दिया व उस मुकाम तक पहुंचाने में नि:स्वार्थ मदद की जिसके वो हकदार थे और ये सिलसिला आज भी और भविष्य में भी जारी रहेगा।
अनुज निगम, कानपुर
