Hardoi Crypto Scam: 7.5% रिटर्न, गोवा टूर और प्लॉट का लालच... 50 करोड़ की ठगी के बाद मुख्य आरोपी दुबई फरार, 5 पर केस दर्ज

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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भुगतान बंद होने पर खुला फर्जीवाड़ा, 50 लाख रुपये के गारंटी चेक भी निकले फर्जी

Hardoi Crypto Forex Scam: हरदोई में क्रिप्टो-फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर करीब 50 करोड़ रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। मुख्य आरोपी के दुबई फरार होने का आरोप है। पाली थाने में लखीमपुर खीरी और सीतापुर समेत पांच आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

हरदोई, अमृत विचार। क्रिप्टो करेंसी और फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर हजारों निवेशकों से करीब 50 करोड़ रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। इस संबंध में रविवार देर रात हरदोई के पाली थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पाली थाना क्षेत्र के महमूदपुर तेरा गांव निवासी कमल प्रकाश कुशवाहा की तहरीर पर एएसपी/सीओ शाहाबाद आलोक राज नारायण के आदेश पर केस दर्ज किया गया है।

निवेश पर मोटे मुनाफे का दिया गया लालच

तहरीर के अनुसार, 'बॉम्बिटेक्स एक्सचेंज' और 'बीमैक्स रियलिटी' नामक कंपनियों के संचालकों ने हरदोई, सीतापुर, लखीमपुर खीरी और लखनऊ में सेमिनार आयोजित कर लोगों को निवेश के लिए प्रेरित किया। आरोप है कि कंपनी के एमडी लखीमपुर खीरी निवासी जय प्रकाश मौर्य और उनके सहयोगी आशा देवी, देवेंद्र मौर्य, नीतिका मौर्य तथा दया शंकर मौर्य ने खुद को कंपनी का डायरेक्टर बताते हुए निवेशकों को 7.5 प्रतिशत मासिक रिटर्न, गोवा टूर और लखनऊ में प्लॉट देने का लालच दिया।

भुगतान बंद होते ही सामने आया फर्जीवाड़ा

शिकायत में कहा गया है कि जून के बाद कंपनी ने निवेशकों को भुगतान देना बंद कर दिया। आरोप है कि मुख्य आरोपी जय प्रकाश मौर्य निवेशकों की गाढ़ी कमाई लेकर दुबई फरार हो गया है, जबकि अन्य आरोपी भी विदेश भागने की फिराक में हैं। पीड़ितों का आरोप है कि भरोसा दिलाने के लिए कंपनी की ओर से 50 लाख रुपये के गारंटी चेक दिए गए थे, लेकिन बाद में वे फर्जी निकले।

हजारों निवेशकों के करोड़ों रुपये फंसे

तहरीर में जिन प्रमुख निवेशकों का उल्लेख किया गया है, उनमें अमित भदौरिया एवं साथी (50 लाख रुपये), कमल प्रकाश एवं साथी (35 लाख रुपये), अनुराग (5 लाख रुपये), कन्हैयालाल व अनिरुद्ध मित्र (5 लाख रुपये), सुनील कुमार (3 लाख रुपये), राज पाली (3.17 लाख रुपये), दीपेंद्र यादव (1 लाख रुपये), हरगुन किशोर राठौर (1.50 लाख रुपये), केशराम पाली (1 लाख रुपये), प्रवीण चौहान (50 हजार रुपये), छत्रपाल राठौर (1.50 लाख रुपये), गौरव शुक्ला (60 हजार रुपये), अंबुज सेमरझाला (1 लाख रुपये), रामतीर्थ (2 लाख रुपये), अभिषेक कुमार व साथी (5 लाख रुपये), डॉ. रामकिशोर (1.50 लाख रुपये), डॉ. प्रदीप यादव (1 लाख रुपये) तथा अंकित, संतोष और हरिनाम अग्निहोत्री समेत हजारों अन्य निवेशकों के नाम शामिल हैं।

पुलिस ने शुरू की जांच

मामले में पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों की संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि कथित ठगी में कितने निवेशकों से कितनी राशि जुटाई गई और रकम का इस्तेमाल कहां किया गया।

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