Bareilly News : आला हजरत के कुल के साथ उर्से रजवी समाप्त, दुआ को उठे लाखों हाथ

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Edited By Ateeq Khan
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इस्लामिया मैदान से लेकर मथुरापुर स्थित मदरसा जामियातुर्रजा तक, उमड़ा अकीदतमंदों का जनसैलाब

दोपहर 2:38 बजे आला हजरत का कुल हुआ। लाखों जायरीन जहां के तहां ठहर गए। सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां ने दुआ शुरू की। किलोमीटर तक फैले मजमे में सन्नाटा छा गया और सिर्फ आमीन की सदाएं गूंजती रहीं। 

अमृत विचार : सुन्नी-बरेलवी मुसलमानों के मरकज (केंद्र) यूपी के बरेली में आला हजरत, इमाम अहमद रजा खान का तीन रोजा उर्से रजवी शानो-शौकत के साथ मनाया गया। शनिवार को कुल की रस्म अदा की गई। देश-दुनिया के लाखों जायरीन शामिल हुए। उर्से रजवी के दौरान पटेल चौक (अय्यूब खां चौराहे) से लेकर इस्लामिया मैदान, रोडवेज, घंटाकर और चौपला तक अकीदतमंद ही नजर आए। दरगाह की गलियां भी खचाखच भरी रहीं। सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां ने देश की तरक्की, खुशहाली और भाईचारे की दुआ की। मंच पर दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खान (सुब्हानी मियां) के अलावा दरगाहों के सज्जादगान, उलमा हाजिर रहे। 

आला हजरत का ये 108वां उर्स मनाया गया है। इस बार भीड़ ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। आमतौर पर भीड़ नावेल्टी तक ही सीमित रहती थी। इस बार नावेल्टी से आगे तक सड़क जाम हो गई। पुराने रोडवेज बस अड्डे से लेकर जिला अस्पताल रोड और इधर, इस्लामिया मैदान वाली सड़क, दरगहा आला हजरत की गलियां-सब जाम रही। भीड़ इस कदर थी कि जिसे जहां पैर रखने की जगह मिली-वहीं दुआ में हाथ उठाकर खड़ा होता गया। 

सुबह से उलमा-ए-कराम की तकरीरों का दौर शुरू हुआ। रोजा, नमाज की पाबंदी का पैगाम दिया। शिक्षा, शादियों में फिजूलखर्ची, डीजे-ढोल, तमाशा और हुड़दंग, दिखावे से दूर रहने का सबक दिया गया। 

दोपहर 2:38 बजे आला हजरत का कुल हुआ। लाखों जायरीन जहां के तहां ठहर गए। सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां ने दुआ शुरू की। किलोमीटर तक फैले मजमे में सन्नाटा छा गया और सिर्फ आमीन की सदाएं गूंजती रहीं। 

सज्जादानशीन ने उर्से रजवी में शामिल सभी जायरीन के हक में दुआ की, जो नहीं भी शामिल हो सके-उनके लिए भी दुआएं की गईं। इसी के साथ उर्स का समापन हो गया। 

चप्पे-चप्पे पर रही पुलिस 


उर्से रजवी की व्यवस्थाओं में जिला-प्रशासन की बड़ी भूमिका रही। डीएम अविनाश सिंह और एसएसपी अनुराग आर्य ने खुद भी उर्स स्थल का निरीक्षण किया था। सुरक्षा-व्यवस्था का खाका खींचा और लगातर नजर बनाए रहे। पूरे शहर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स का पहरा रहा। ताकि उर्स के दौरान किसी जायरीन, शहरवासी को कोई दिक्कत नहीं आए। इसी का असर रहा कि उर्से रजवी बेहद शांति और सुकून के साथ संपन्न हो गया। कहीं से रत्ती भर कोई समस्या या शिकायत नहीं उठी। 

दरगाह ने पेश की मिसाल 


उर्से रजवी में इस बार आला हजरत घराने ने भी बड़ी मिसाल पेश की। कांवड़ यात्रा को लेकर चाहें दो दिन पहले उर्स मनाने की बात हो या फिर शाकाहारी लंगर। दोनों महत्वपूर्ण मुद्दों पर दरगाह ने अपना रुख सकारात्मक रखा और व्यवस्था बनाने में पुलिस-प्रशासन का भरपूर सहयोग किया। पुलिस-प्रशासन और दरगाह इंतजामियां के सहयोग से पश्चिमी यूपी के सबसे बड़े आयोजनों में से एक उर्से रजवी शानदार और यादगार तरीके से संपन्न हुआ है। 

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