Pilibhit News : मृतका के परिवार ने जांच पैनल पर उठाए सवाल, आत्मदाह की चेतावनी के बाद घर पहुंचे अफसर..नहीं बनी बात!

Amrit Vichar Network
Edited By Pradeep Kumar
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धन्वंतरि अस्पताल केस में जांच पैनल पर उठे सवाल, परिजनों ने दी आत्मदाह की चेतावनी

पीलीभीत के धन्वंतरि अस्पताल में महिला की मौत के बाद परिजनों ने जांच पैनल पर सवाल उठाए हैं। अफसरों के समझाने पर भी परिवार अपनी मांगों पर कायम है।

पीलीभीत, अमृत विचार। धन्वंतरि अस्पताल में ऑपरेशन के बाद महिला की मौत के मामले में मृतका के परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग की ओर से गठित जांच पैनल की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। 10 अगस्त तक न्याय न मिलने पर आत्मदाह की चेतावनी दिए जाने के बाद  सिटी मजिस्ट्रेट प्यारेलाल, सीओ सिटी अमरनाथ वर्मा और सुनगढ़ी इंस्पेक्टर नरेश त्यागी ने परिजनों से घर पंहुचकर वार्ता कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। हालांकि, परिजन अपनी मांगों पर कायम रहे और घर के बाहर लगा फ्लैक्स हटाने से भी इनकार कर दिया।

वल्लभनगर कॉलोनी निवासी 53 वर्षीय पूनम अवस्थी दो अगस्त को स्टेशन रोड के पास गिरकर घायल हुई थीं। हाथ में फ्रैक्चर होने पर परिजन उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध न होने की बात कहकर उन्हें धन्वंतरि अस्पताल भेज दिया गया था। तीन अगस्त की रात अस्पताल में ऑपरेशन के बाद महिला की मौत हो गई थी। मृतका के बेटे की तहरीर पर अस्पताल संचालक डॉ. उपेंद्र नाथ मिश्रा और डॉ. अक्षत पांडे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज है। परिवार की ओर से आत्मदाह की चेतावनी का फ्लैक्स घर के बाहर लगाए जाने की जानकारी मिलते ही अधिकारी देर रात पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। मगर परिजन असंतुष्ट दिखे।

अधिकारियों को बताया कि सीएमओ की ओर से मामले में पहले गठित जांच टीम को यह कहते हुए निरस्त किया गया था कि आरोपी चिकित्सक डॉ. अक्षत पांडे जिला अस्पताल में सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में जिला अस्पताल के चिकित्सकों से जांच कराने पर निष्पक्षता प्रभावित होने की आशंका जताई गई थी। अब  बाद में गठित जांच पैनल में भी जिला अस्पताल के चिकित्सकों को शामिल कर दिया गया। इस पर उन्होंने जांच की निष्पक्षता को लेकर आपत्ति जताई और स्वतंत्र जांच की मांग की। सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी ने आश्वस्त करने का काफी प्रयास किया लेकिन बात नहीं बन सकी। परिवार का यही  कहना था कि एफआईआर दर्ज होने के बाद भी कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी है। काफी देर तक वार्ता के बाद भी जब सहमति नहीं बनी तो अधिकारी लौट गए।

जांच टीम ने दोनों पक्षों के दर्ज किए बयान 
शनिवार को सीएमओ की ओर से गठित जांच पैनल ने जिला अस्पताल सभागार में दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए। आरोपी चिकित्सक भी पैनल के समक्ष पहुंचे और अपना पक्ष रखा। मृतका के परिवार ने भी बयान दर्ज कराया। बयान दर्ज होने के बाद परिजनों ने जांच प्रक्रिया पर असंतोष जताया और 10 अगस्त की चेतावनी पर कायम रहने की बात कही है। जिसे लेकर पुलिस प्रशासन में खलबली मची है।

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