Rajpal Yadav : शाहजहांपुर में राजपाल यादव पर कोठी कब्जाने का आरोप, सिटी मजिस्ट्रेट से जांच की मांग
विक्रम कुशवाहा ने सिटी मजिस्ट्रेट को प्रार्थना पत्र देकर संपत्ति की जांच और कब्जा मुक्त कराने की मांग की, अभिनेता पर लगाए गंभीर आरोप
फिल्म अभिनेता राजपाल यादव की शाहजहांपुर स्थित एक कोठी को लेकर विवाद सामने आया है। विक्रम कुशवाहा ने सिटी मजिस्ट्रेट से शिकायत कर राजपाल यादव पर संपत्ति पर कब्जे का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता ने कोठी को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रेम कृष्ण खन्ना की संपत्ति बताते हुए वसीयत और गोदनामा के आधार पर अपना अधिकार जताया है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले में कानूनी प्रक्रिया जारी है।
शाहजहांपुर। फिल्म अभिनेता राजपाल यादव की कानूनी मुश्किलों के बीच शाहजहांपुर में उनकी एक कोठी को लेकर नया विवाद सामने आया है। विक्रम कुशवाहा नामक व्यक्ति ने राजपाल यादव पर कोठी पर कब्जा करने का आरोप लगाते हुए सिटी मजिस्ट्रेट को प्रार्थना पत्र दिया है। शिकायतकर्ता ने संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों और सरकारी अभिलेखों की जांच कराकर कोठी को कब्जा मुक्त कराने की मांग की है।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रेम कृष्ण खन्ना की संपत्ति होने का दावा
विक्रम कुशवाहा का दावा है कि जिस कोठी को राजपाल यादव अपना बता रहे हैं, वह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रेम कृष्ण खन्ना की संपत्ति थी। शिकायतकर्ता के मुताबिक, प्रेम कृष्ण खन्ना ने यह संपत्ति राधा रमण सेठ से खरीदी थी। उनकी कोई संतान नहीं थी और विक्रम कुशवाहा का दावा है कि उन्होंने बचपन से प्रेम कृष्ण खन्ना की सेवा की थी।
शिकायतकर्ता के अनुसार, प्रेम कृष्ण खन्ना ने उन्हें गोद लिया था और इसका गोदनामा भी मौजूद है। दावा है कि वर्ष 1982 में प्रेम कृष्ण खन्ना ने वसीयत के माध्यम से अपनी चल-अचल संपत्ति विक्रम कुशवाहा के नाम कर दी थी। इसी आधार पर वह खुद को उक्त संपत्ति का वारिस बता रहे हैं।
राजपाल यादव पर दबंगई से कब्जे का आरोप
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि राजपाल यादव ने अपने रसूख और दबंगई के बल पर उक्त कोठी पर कब्जा कर लिया। उन्होंने प्रशासन से संपत्ति से जुड़े पुराने दस्तावेज, नगर निकाय के रिकॉर्ड और अन्य अभिलेखों की जांच कराने की मांग की है। विक्रम कुशवाहा का दावा है कि नगर निगम/नगर पालिका के रिकॉर्ड में अब भी यह संपत्ति प्रेम कृष्ण खन्ना के नाम दर्ज है। इसके अलावा अन्य दस्तावेजों में भी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रेम कृष्ण खन्ना का नाम दर्ज होने की बात कही गई है।
शाहजहांपुर से हाईकोर्ट तक चल रही कानूनी प्रक्रिया
संपत्ति को लेकर विवाद पहले से न्यायिक स्तर पर भी चल रहा है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, इस मामले को लेकर शाहजहांपुर से लेकर हाईकोर्ट तक कानूनी प्रक्रिया जारी है। अब सिटी मजिस्ट्रेट को दिए गए प्रार्थना पत्र के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी जांच की मांग उठी है।
चेक बाउंस मामले के बीच सामने आया संपत्ति विवाद
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब राजपाल यादव पहले से ही चेक बाउंस मामले को लेकर कानूनी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। इसके अलावा सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की ओर से उनकी कुछ संपत्तियों पर नीलामी संबंधी नोटिस चस्पा किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
हालांकि, विक्रम कुशवाहा की ओर से राजपाल यादव पर लगाए गए कब्जे के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। राजपाल यादव की ओर से भी इन आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासनिक जांच और अदालत में चल रही कार्यवाही के दौरान सामने आने वाले दस्तावेजों से संपत्ति के स्वामित्व और कब्जे की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
