Raksha Bandhan 2026: नहीं रहेगा चन्द्र ग्रहण और भद्रा का साया, पूरे दिन राखी बांध सकेगी बहने; ये है शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य पं.मनोज कुमार द्विवेदी ने बताया कि रक्षाबंधन के पर्व पर पूर्णिमा तिथि उदया तिथि के अनुसार प्राप्त हो रही है साथ ही भद्रा दोष नहीं रहेगा और राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 47 मिनट से प्रारम्भ होगा। पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ 27 अगस्त को सुबह 9 बजकर 8 मिनट पर होगा और इसके साथ ही भद्रा की शुरुआत भी होगी और भद्रा रात 9 बजकर 32 मिनट तक रहेगी क्योंकि भद्रा में रक्षाबंधन का पर्व नहीं मनाया जाता है इसलिए शुक्रवार को रक्षाबंधन का पर्व धूमधाम से मनाया जायेगा।
राखी बाधतें समय रखे खास खयाल
28 अगस्त को पूर्णिमा तिथि सुबह 9 बजकर 48 तक रहेगी इसलिए उदया तिथि के अनुसार रक्षा बंधन का पर्व 28 अगस्त शुक्रवार को मनाया जाएगा। इसके साथ ही अभिजीत मुहूर्त (दोपहर 11:44 से 12:35 तक) में भी राखी बांधना बेहद शुभ माना जाएगा। वहीं जो लोग दोपहर तक राखी न बांध पाएं वो शाम तक राखी बांध सकते हैं, क्योंकि उदयातिथि में ढाई घंटे से अधिक तक पूर्णिमा तिथि रहेगी। ऐसे में प्रदोष काल तक राखी का पर्व मनाया जायेगा। इसी दिन चंद्रग्रहण भी पड़ रहा है, लेकिन यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. इसलिए भारत में रक्षाबंधन के पर्व और राखी बांधने के समय पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
रक्षाबंधन पूजन
पूजन के लिए रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, मिठाई, राखी, पुष्प, फल रखें। पहले भगवान गणेश और इष्टदेव का स्मरण करें। भाई को स्वच्छ आसन पर बैठाकर तिलक, अक्षत और आरती के बाद दाहिनी कलाई पर रक्षा-सूत्र बांधे। राखी में तीन गांठ लगाकर भाई को मिठाई खिलाकर रक्षा का संकल्प लें।
रक्षाबंधन के दिन भाई के दाहिने हाथ पर राखी बांधना शुभ माना जाता है। दाहिना हाथ या सीधा हाथ जीवन के कर्मों का हाथ कहा गया है और मनुष्य के दाहिने हिस्से में देवताओं का वास भी माना गया है। कहा जाता है कि दाहिने हाथ से किए गए दान और धार्मिक कार्यों को भगवान जल्दी स्वीकार कर लेते हैं, इसलिए धार्मिक कार्यों के बाद कलावा आदि भी दाहिने हाथ पर बांधा जाता हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पुरुषों और अविवाहित कन्याओं को दाएं हाथ में रक्षासूत्र बांधना चाहिए वहीं विवाहित स्त्रियों के लिए बाएं हाथ में राखी बांधने का विधान है। भाइयों को राखी बंधवाते समय उस हाथ की मुट्ठी को बंद रखकर दूसरा हाथ सिर पर रखना चाहिए। वास्तु शास्त्र में काले रंग को नीरसता और नकारात्मक ऊर्जा से जोड़कर देखा जाता है, इसलिए इस दिन बहन और भाई दोनों को काले रंग के परिधान पहनने से परहेज करना चाहिए। - ज्योतिषाचार्य पं.मनोज कुमार द्विवेदी
