हल्द्वानी: अंतर्राज्यीव वन्यजीव तस्कर का भंडाफोड़, उप्र के दो तस्कर समेत छह गिरफ्तार, एक जीवित पेंगोलिन बरामद
हल्द्वानी, अमृत विचार। वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने वन्यजीवों की तस्करी के अंतर्राज्यीय गैंग का भंडाफोड़ किया है। टीम ने उप्र के दो तस्करों समेत छह तस्कर पकड़े हैं। तस्करों के पास से एक जीवित पेंगोलिन बरामद हुई है । सभी तस्करों के खिलाफ वन अधिनियम में मुकदमा दर्ज कर लिया गया …
हल्द्वानी, अमृत विचार। वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने वन्यजीवों की तस्करी के अंतर्राज्यीय गैंग का भंडाफोड़ किया है। टीम ने उप्र के दो तस्करों समेत छह तस्कर पकड़े हैं। तस्करों के पास से एक जीवित पेंगोलिन बरामद हुई है । सभी तस्करों के खिलाफ वन अधिनियम में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
तराई केंद्रीय वन विभाग की एसओजी और पुलिस की संयुक्त टीम ने सोमवार को मुखबिर की सूचना पर डिबेर गोरापड़ाव के पास चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान एक सफेद स्विफ्ट डिजायर कार संख्या यूके 07 एटी 8703 को रोका। कार में छह लोग सवार थे। कार की पिछली सीट पर बैठे लोगों के पास एक जूट का बोरा था। तलाशी लेने पर बोरे से एक जिंदा पेंगोलिन मिली।
इस पर टीम ने कार सवार छह लोगों को पकड़ लिया। पकड़े गए तस्करों ने पूछताछ में अपने नाम अजय सिंह पुत्र पूरन सिंह निवासी धौरा डैम ऊधम सिंह नगर, दर्शन सिंह पुत्र धर्म सिंह निवासी किच्छा ऊधम सिंह नगर, दिवाकर राम पुत्र गोर राम निवासी शक्ति फार्म ऊधम सिंह नगर, अनिल कुमार पुत्र अमर सिंह निवासी दलपतपुर मुरादाबाद, राहुल कुमार पुत्र सुखबीर सिंह निवासी दलपतपुर मुरादाबाद और हरजीत सिंह पुत्र हरनाम सिंह निवासी तुमड़िया डाम मालधन चौड़ नैनीताल बताया।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि उन्होंने धौरा डाम ऊधम सिंह नगर से इस पेंगोलिन को पकड़ा और सौदा करने के लिए लेकर जा रहे थे लेकिन नैनीताल में पकड़े गए। सभी के खिलाफ भारतीय वन जीव अधिनियम में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। साथ ही इन तस्करों के आपराधिक रिकार्ड के साथ-साथ वाइल्ड लाइफ क्राइम का भी डाटा खंगाला जा रहा है।
गिरोह का भंडाफोड़ करने वाली टीम में रुप नारायण गौतम, उमेश चंद्र आर्य, दिनेश जोशी, कैलाश तिवारी, त्रिलोक सिंह, दिनेश शाही, इसरार अहमद, आनंद बल्लभ, कुंदन कठैत, कमल सिंह, वीरेंद्र चौहान, ताहिर शामिल थे।
एमकॉम का छात्र है एक तस्कर
राहुल कुमार निवासी मुरादाबाद पेशे से विद्यार्थी है। वह यूपी से एमकॉम का छात्र है और कम समय से अधिक कमाने के चक्कर में वन्यजीव तस्करी में संलिप्त हो गया है।
नेपाल के रास्ते चीन तक होती है तस्करी
वन अधिकारियों के अनुसार पेंगोलिन की दवा बनाने में इस्तेमाल होता है। इस वजह से इसका अंधाधुंध शिकार होता है। यह वन्यजीव भारत के रास्ते नेपाल से होते हुए चीन तक तस्करी होती है। चीन में पेंगोलिन की जबरदस्त डिमांड है।
वन व पुलिस की संयुक्त् टीम ने एक जीवित पेंगोलिन के साथ छह तस्करों को गिफ्तार किया है। पेंगोलिन को जंगल में छोड़ दिया गया है जबकि तस्करों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और वाहन को सीज कर दिया है। सभी से पूछताछ की जा रही है इनके गिरोह के बाकी तार ढूंढे जा रहे हैं।
– डॉ. अभिलाषा सिंह, डीएफओ तराई केंद्रीय वन डिविजन, हल्द्वानी
