हल्द्वानी: आधार कार्ड दिखाओ और दस मिनट में फर्जी आरटीपीसीआर रिपोर्ट ले जाओ

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Edited By Amrit Vichar
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दीपिका नेगी, हल्द्वानी। बाहरी राज्य से आने वाले सभी लोगों की बॉर्डर पर निगेटिव आरटीपीसीआर रिपोर्ट चेक करने के बाद ही उन्हें एंट्री दी जा रही है, लेकिन गैर जिम्मेदार लोगों ने इसका भी तोड़ निकाल लिया है। फर्जी तरीके से नैनीताल जिले में बाहर से लोग एंट्री कर रहे हैं। नकली आरटीपीसीआर की निगेटिव …

दीपिका नेगी, हल्द्वानी। बाहरी राज्य से आने वाले सभी लोगों की बॉर्डर पर निगेटिव आरटीपीसीआर रिपोर्ट चेक करने के बाद ही उन्हें एंट्री दी जा रही है, लेकिन गैर जिम्मेदार लोगों ने इसका भी तोड़ निकाल लिया है। फर्जी तरीके से नैनीताल जिले में बाहर से लोग एंट्री कर रहे हैं।

नकली आरटीपीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट दिखा कर वे पुलिस को बेवकूफ बनाकर आसानी से सीमा में प्रवेश कर अन्य पर्वतीय इलाकों में घुस रहे हैं, हैरानी की बात है कि तमाम चेक पोस्ट पर चेकिंग होने के बावजूद ऐसे लोगों की फर्जी रिपोर्ट को कोई पकड़ नहीं पा रहा है और रिपोर्ट बनाने का यह गिरोह सक्रिय होता जा रहा है।

नैनीताल जिले में टांडा बैरियर, चोरगलिया बैरियर, पीरूमदारा, रामनगर बैरियर पर बाहरी सीमा से प्रवेश करने वाले लोगों की आरटीपीसीआर रिपोर्ट चेक की जा रही है। रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही उन्हें प्रवेश देने का प्रावधान है। इन दिनों विवाह समारोह होने के कारण भी लोग बाहर से यहां पहुंच रहे हैं। वहीं कई प्रवासी कामगार भी घरों को लौट रहे हैं।़

ऐसे में बॉर्डर पर लोगों की आवाजाही बढ़ने के कारण पुलिस जल्दबाजी में चेकिंग कर महज औपचारिकता कर रही है, जिसका फायदा उठाकर लोग संदिग्ध तरीके से सीमाओं पर प्रवेश कर रहे हैं। बॉर्डर के पास ही कई ऐसे लोग अपनी दुकान चला रहे हैं, जो आधार कार्ड दिखाने के बाद लोगों की निगेटिव रिपोर्ट की स्कैन कॉपी दे रहे हैं। इसके बदले 300 से 400 रुपये वसूले जा रहे हैं। पुलिस भी ऑनलाइन रिपोर्ट न चेककर कागज की इन्हीं स्कैन कॉपी के आधार पर लोगों को एंट्री दे रही है।

यह भी कहा जा रहा है कि इसमें पुलिस की भूमिका भी संदिग्ध रूप से संलिप्त है। क्योंकि बिना पुलिस की शह के बिना ज्यादा समय तक ऐसे काम नहीं हो सकते।

स्थानीय टैक्सी चालकों की मदद से हो रहा काम
यदि कोई भी व्यक्ति दिल्ली, गुड़गांव, यूपी आदि स्थानों से जिले में प्रवेश कर रहा है तो जिस टैक्सी चालक को उसने हायर किया है। वह सवारियों से आधार कार्ड और तय शुल्क मांग कर 10 मिनट के अंदर उनकी फर्जी रिपोर्ट लेके पहुंच जा रहा है। बिना किसी झंझट के रिपोर्ट मिलने पर लोग भी चालकों से कोई सवाल नहीं कर रहे। ऐसे में यह तय है कि फर्जी रिपोर्ट बनाने का कोई बड़ा गिरोह यहां सक्रिय है।

अभी तक इस तरह का कोई मामला संज्ञान में नहीं आया है। शिकायत मिलती है तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।-अजय रौतेला, आईजी कुमाऊं

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