कानपुर में हिस्ट्रीशीटर को छुड़ाने का मामला: पूर्व भाजपा नेता व अधिवक्ता समेत तीन की जमानत अर्जी खारिज
कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में भाजपा पदाधिकारी के जन्मदिन समारोह में शामिल होने पहुंचे हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह को पकड़ने गई पुलिस के साथ धक्का-मुक्की कर उसे भगाने के मामले में आरोपी पूर्व भाजपा नेता व अधिवक्ता समेत तीन आरोपियों की जमानत अर्जी सोमवार को मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट शैलेंद्र यादव ने खारिज कर दी। अब …
कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में भाजपा पदाधिकारी के जन्मदिन समारोह में शामिल होने पहुंचे हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह को पकड़ने गई पुलिस के साथ धक्का-मुक्की कर उसे भगाने के मामले में आरोपी पूर्व भाजपा नेता व अधिवक्ता समेत तीन आरोपियों की जमानत अर्जी सोमवार को मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट शैलेंद्र यादव ने खारिज कर दी।
अब जमानत के लिए सेशन कोर्ट में अर्जी देनी होगी। वकीलों के भारी दबाव के बावजूद आरोपी अधिवक्ताओं की जेल से रिहाई संभव नहीं हो सकी। वहीं तनाव को देखते हुए कचहरी परिसर के आसपास भारी पुलिस फ़ोर्स तैनात रहा।
9 नामजद व 8-10 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज
गौरतलब है कि इस मामले में नौबस्ता पुलिस ने नारायण सिंह(पूर्व भाजपा नेता) समेत 9 नामजद व 8-10 अज्ञात लोगों के खिलाफ बलवा,सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने आदि धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी।
दो दिन बाद मनोज सिंह को नौबस्ता से जबकि आरोपी नारायण भदौरिया,गोपाल शरण चौहान व रॉकी यादव को नोएडा से गिरफ्तार किया गया था। नारायण सिंह और गोपाल शरण अधिवक्ता हैं।
अनहोनी की आशंका के मद्देनजर पुलिस ने शनिवार रात लगभग 9 बजकर 15 मिनट पर तीनों को रिमांड मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश किया गया था। जहां तीनों की जमानत अर्जी भी दाखिल कर दी गई थी,लेकिन अपराधिक इतिहास मंगाने के नाम पर अभियोजन ने समय मांगा था।
बड़ी संख्या में अधिवक्ता पहुंचे थे कचहरी
इस पर कोर्ट ने सोमवार की तारीख नियत कर दी थी। पुलिस ने तीनों को न्यायिक अभिरक्षा में चौबेपुर स्थित अस्थाई जेल भेज दिया था। सोमवार सुबह से ही बड़ी संख्या में अधिवक्ता फिर कचहरी में इकट्ठा होने लगे।
अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने सीएमएम कोर्ट में तीनों की जमानत अर्जी पर पक्ष रखा लेकिन आपराधिक इतिहास और अपराध की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने नारायण भदौरिया,गोपाल शरण चौहान व रॉकी यादव तीनों की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
