पुनिया बोले- किसी को मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर पेश नहीं करेगी कांग्रेस
नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं उत्तर प्रदेश चुनाव प्रचार अभियान समिति के अध्यक्ष पी एल पुनिया ने कहा है कि पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के चेहरे के साथ चुनावी मैदान में उतरेगी लेकिन मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर किसी को पेश नहीं किया जायेगा। पुनिया ने सोमवार को से बातचीत …
नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं उत्तर प्रदेश चुनाव प्रचार अभियान समिति के अध्यक्ष पी एल पुनिया ने कहा है कि पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के चेहरे के साथ चुनावी मैदान में उतरेगी लेकिन मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर किसी को पेश नहीं किया जायेगा। पुनिया ने सोमवार को से बातचीत में कहा कि प्रियंका वाड्रा के सक्रिय होने के बाद से उत्तर प्रदेश में लोगों का मन बदल रहा है ओर लोगों को लगने लगा है कि केवल कांग्रेस ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को शिकस्त दे सकती है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के खिलाफ माहौल बनने लगा है। कुछ समय पहले तक कांग्रेस उत्तर प्रदेश में पीछे रहने वाली पार्टी मानी जाती थी लेकिन प्रियंका वाड्रा की सक्रियता से हालात तेजी से कांग्रेस के पक्ष में होते जा रहे हैं। हाल ही में उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की चुनाव प्रचार अभियान समिति के प्रभारी की ज़िम्मेदारी संभालने वाले पुनिया ने कहा कि एक बात समझनी होगी कि कांग्रेस ही नहीं, पूरे उत्तर प्रदेश में प्रियंका गांधी वाड्रा से अधिक लोकप्रिय कोई और नेता नहीं है और वह हर मुद्दे पर ‘लीडिंग फ्रॉम द फ्रंट’ हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में अकेले मैदान में उतरेगी। बहुजन समाज पार्टी या समाजवादी पार्टी(सपा) से तालमेल की कोई संभावना नहीं है। पुनिया ने कहा कि कांग्रेस में यह परपंरा रही है कि वह आमतौर पर चुनाव से पहले मुख्यमंत्री के पद पर उम्मीदवार का एलान नहीं करती है। इस सवाल पर कि पिछले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने पहले पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को और फिर चुनावों के बीच ही सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर पेश किया था।
पुनिया ने कहा कि परपंरा यही है कि कांग्रेस मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित नहीं करती। राजस्थान, मध्य प्रदेश औऱ छत्तीसगढ़ में पिछले विधानसभा चुनावों में किसी को मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर पेश नहीं किया गया था, लेकिन अपवाद के तौर पर शीला दीक्षित को उत्तर प्रदेश में और पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह के नाम का एलान मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में किया गया था। इस सवाल पर कि पिछले विधानसभा चुनाव के बीच में कांग्रेस ने अकेले लड़ने की रणनीति छोड़कर सपा का साथ ‘हाथ’ में लिया था तो क्या इस बार भी ऐसा हो सकता है।
पुनिया ने कहा कि प्रियंका वाड्रा ने स्पष्ट कर दिया है कि कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ेगी और इसकी तैयारी तेजी से शुरू हो गई है। अलग-अलग स्तर पर सम्मेलन और बैठकें शुरू हो गईं हैं। पुनिया ने चुनावी रणनीति को लेकर कहा कि वह चुनाव प्रचार अभियान समिति के अध्यक्ष हैं और उनके साथ 20 दूसरे अनुभवी लोग भी इस समिति में हैं। प्रियंका वाड्रा इसका नेतृत्व कर रही हैं तो चुनावी मुद्दे और दूसरे मसलों पर सलाह-मशविरा के बाद ही चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा।
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष पुनिया ने कहा कि आमतौर पर दूसरे राज्यों के नेता प्रियंका वाड्रा की एक या दो बैठकों और सभाओं के लिए कोशिश करते रहते हैं लेकिन उत्तर प्रदेश में वाड्रा पूरे वक्त मौजूद हैं। चाहे हाथरस का मुद्दा हो, सोनभद्र हो, उन्नाव हो या फिर हाल में लखीमपुर खीरी, प्रियंका वाड्रा सब मसलों पर आगे खड़ी रहीं, वह ‘लीडिंग फ्रॉम द फ्रंट हैं।’ ऐसा कोई दूसरा नेता नहीं है।
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