रामनगर: अवैध खनन करने वाले वाहनों से वसूला पांच करोड़ से अधिक प्रतिकर

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Edited By Amrit Vichar
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रामनगर, अमृत विचार। कोसी दाबका नदियों में खनन  भले ही वन विभाग के लुकाछुपी का खेल खेलते रहे हो मगर वन कर्मियों द्वारा भी माफिया के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। तराई पश्चिमी वन प्रभाग की बात करे तो बीते दो सालों में उसने पकड़े गए वाहनों से पांच करोड़ से भी अधिक का राजस्व प्राप्त किया है जबकि इन दो सालों में 45 वाहनों को राज्य की संपत्ति घोषित किया है।

अगर 2022-23 के आंकड़ों पर गौर करें तो जब्त किए गए 309 वाहनों से 2,40,95,000 रुपये का प्रतिकर वसूल करने में महकमा कामयाब रहा। जबकि 2023-24 में 369 जब्त किए गए वाहनों से 2,97,80,000 रुपये का प्रतिकर वसूला गया। दो सालों में कुल 5,38,75,000 रुपया प्रतिकर वसूला गया।

इसकेअलावा इन दो सालों में 45 वाहनों को सरकारी सम्पत्ति घोषित किया गया। जिसमें से 2022-23 में 24 और 2023-24 में 21 वाहन सरकारी संपत्ति घोषित किए गए। इन सबके बावजूद खनन माफिया नदियों में अवैध खनन करने से बाज नहीं आते।         

नदियों में अवैध खनन को रोकने के लिए वनकर्मी दिन रात एक किए है। रात को नदियों के अलावा हाईवे पर बनी चैक पोस्टो पर छापेमारी भी की जा रही है। कई बार वन कर्मियों पर हमला भी हो जाया करता है लेकिन इन सबके बावजूद जाबांज वन कर्मी मुस्तैदी से माफिया का मुकाबला करते हैं। अवैध खनन में लिप्त वाहनों को किसी भी हालत में छोड़ा नहीं जाएगा। 
-प्रकाश चंद्र आर्य, प्रभागीय वनाधिकारी, तराई पश्चिमी वन प्रभाग, रामनगर 

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