रुद्रपुर: सत्ता की हनक, पैसों का लालच, भाजयुमो नेता बन बैठा हैवान
मनोज आर्या, रुद्रपुर, अमृत विचार। सत्ता की हनक-पैसों के लालच ने भाजयुमो नेता को हैवान बना दिया और बेटे ने सोते बुजुर्ग पिता पर चाकू से प्रहार कर जघन्य हत्याकांड को अंजाम दे डाला। किसी ने यह नहीं सोचा था कि पैसों का लालच व सत्ता की हनक एक बेटे को बुजुर्ग पिता का हत्यारा बना देगा। हत्याकांड के बाद हर किसी की जुबान पर यही कहानी है।
शनिवार को हुए तोताराम हत्याकांड के बाद स्थानीय लोगों का कहना था कि पिछले कई सालों से पिता-पुत्र के बीच प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा था। कुछ माह पहले दीपक राठौर को भाजयुमो उत्तरी मंडल का उपाध्यक्ष बनाया गया। मोर्चा में पद मिलते ही दीपक में सत्ता की हनक अक्सर देखने को मिली थी।
आरोप था कि अक्सर दीपक लोगों को प्रदेश में भाजपा की सरकार होने की धमकी देता रहता था। इसके अलावा बुजुर्ग पिता तोताराम द्वारा मकान को बेचकर छोटे बेटे को पैसा देने का ऐलान करने के बाद से ही बड़ा बेटा दीपक रंजिश रखने लगा और जब पिता ने मकान की दीवार पर मकान बिकाऊ लिखा तभी से दोनों के बीच झगड़ा होना शुरू हो गया।
शुक्रवार की रात साढ़े 9 बजे के करीब बाप-बेटे में झगड़ा हुआ था। लोगों का मानना है कि झगड़े के बाद ही हत्यारोपी दीपक राठौर ने रात को ही बुजुर्ग पिता की निर्मम हत्या किए जाने का मन बना लिया और सुबह चार बजे तड़के ही जघन्य हत्याकांड को अंजाम दे डाला। हत्यारोपी में हमेशा सत्ता की हनक और पैसों का लालच हमेशा सामने आता रहा है। जिसकी सत्यता को पुलिस और स्थानीय लोग बता रहे हैं।
नशे की लत ने राठौर परिवार को किया बर्बाद
मृतक तोताराम राठौर नशे का लती रहा। वहीं उसका बड़ा बेटा दीपक राठौर भी नशे का लती हो गया। जिसको लेकर जहां मां ओमवती पांच साले पहले पारिवारिक कलह को देखते हुए घर छोड़ कर चली गई थी। वहीं खुद को नशे से दूर रखने के उद्देश्य से तोताराम ने नशा मुक्ति केंद्र में अपना उपचार कराया और पांच माह पहले उपचार कराने के बाद घर लौटा था, लेकिन सड़क हादसे में तोताराम का पैर टूट गया था। जिसके बाद से पिता ने तो नशा त्याग दिया, लेकिन हत्यारे बेटे पर नशा और सत्ता का नशा दोनों ही मदहोश करने लगा था। यही कारण है कि राठौर परिवार को नशा और प्रॉपर्टी के लालच ने बर्बाद कर दिया।
हत्यारोपी दीपक बेच चुका था टुकटुक और प्लाट
चश्मदीदों का कहना था कि तोताराम राठौर दस साल पहले थाना खजुरिया रामपुर स्थित अपने गांव की जमीन को बेच कर आजादनगर आकर बसे थे। उस वक्त उनके पास तीन टुकटुक और किच्छा में एक प्लाट था। मगर जैसे ही दीपक नशे का लती हुआ। वैसे ही उसने किच्छा का प्लाट और पिता के तीनों टुक-टुक को बेचकर खुद बुर्द कर दिया। यही बात खफा बुजुर्ग पिता तोताराम व दीपक के बीच विवाद का कारण बनी। पिता अपने सीधे-साधे छोटे बेटे सुमित राठौर को मकान बेचकर सहयोग करने की सोच रहा था।
कथित प्रेमी की बहन से की थी दीपक ने शादी
आजाद नगर स्थित जिस घर में तोताराम अपने परिवार के साथ रहता था। उसी मकान में उसकी इकलौती बेटी ने भी आत्महत्या की थी। जिसमें एक युवक का नाम सामने आया था। लोगों का कहना था कि जिस बहन की मौत पर कथित युवक का नाम सामने आया था। उसी आरोपी युवक की बहन से हत्यारोपी दीपक ने शादी की है। इस शादी के खिलाफ पिता व पूरा परिवार भी था। लेकिन हत्यारोपी ने किसी की नहीं सुनी और चार साल पहले शादी के बाद उसी घर में आकर रहने लगा।
खौफनाक था हत्याकांड स्थल का मंजर
आजाद नगर स्थित जिस कमरे में बुजुर्ग पिता की बेटे ने निर्मम हत्या की थी। इसका मंजर वास्तव में खौफनाक था। प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि जिस वक्त हत्यारोपी बेटे दीपक ने पिता तोताराम पर पहला चाकू से प्रहार किया होगा। उस वक्त पिता की आंख खुल गई होगी और उठकर भागने की कोशिश में बुजुर्ग नीचे गिर गया होगा। जिसके बाद बेटे ने पिता के पेट में कई प्रहार कर पेट फाड़ दिया। यही कारण है कि जमीन पर खून की नदी जैसी बह रही थी। इसके अलावा बिस्तर पर खून के कोई धब्बे नहीं थे। यहां तक की मृतक ने खुद को बचाने का काफी प्रयास भी किया होगा। कारण जमीन पर हाथनुमा खून के निशान पाए गए।
फॉरेंसिक टीम ने उठाए घटनास्थल से साक्ष्य
आजाद नगर में बुजुर्ग की हत्या किए जाने की सूचना मिलते ही फॉरेंसिक यूनिट के जिला प्रभारी सत्य प्रकाश रायपा, नरेश गिरी अपनी टीम के साथ घटनास्थल पहुंचे और मौके से खून के धब्बे व हत्यारे के हाथ के निशान को एकत्रित किया। इसके अलावा कमरे में मिले खून के सैंपल को सुरक्षित किया। इस दौरान पुलिस टीम के साथ फॉरेंसिक कमियों ने पूरे घटनास्थल का मौका मुआयना किया और बारीकी से जांच की। जिस पर टीम को कई अहम साक्ष्य भी मिलने की बात सामने आई है।
दीपक की टशन से अजीज हुए लोग
हत्याकांड के बारे में जब लोगों से जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि जब से हत्यारोपी दीपक राठौर को भाजयुमो उत्तरी मंडल उपाध्यक्ष बनाया गया। तभी से दीपक का आतंक इलाके में बढ़ने लगा था। स्थानीय लोगों का कहना था कि पद मिलते ही सबसे पहले आरोपी ने घर के बाहर विधायक के सौजन्य से वितरित की गई, पदयुक्त नेम प्लेट लगा रखी थी और आए दिन छोटी-छोटी बातों पर पड़ोसियों से झगड़ा करता रहता था। धमकी देता था कि प्रदेश में भाजपा की सरकार है। वह किसी को भी जेल भेज सकता है। आए दिन भाजयुमो नेता की टशन से लोग भी परेशान हो चुके थे।
हत्यारोपी दीपक को किया निष्कासित
पिता की जघन्य हत्या के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष के आदेश पर उत्तरी मंडल अध्यक्ष ने हत्यारोपी को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। बताया कि जैसे ही हत्याकांड की जानकारी भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल को हुई तो भाजपा उत्तरी मंडल के अध्यक्ष धीरेंद्र गुप्ता ने आरोपी को पार्टी व मंडल उपाध्यक्ष पद से निष्कासित कर दिया है। जिसका पत्र खुद उत्तरी मंडल अध्यक्ष ने जारी किया है।
