गोंडा में भीषण गर्मी के चलते दो स्कूलों की शिक्षिकाएं बेहोश, हालत सामान्य  

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Edited By Amrit Vichar
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गोंडा, अमृत विचार। भीषण गर्मी और उमस के चलते मंगलवार को जिले के दो अलग अलग स्कूलों की शिक्षिकाएं बेहोश हो गयी। बच्चों व स्कूल की अन्य शिक्षिकाओं ने हाथ के पंखे से हवा कर और पानी का छींटा मारा तब जाकर उन्हें होश आया। दोनों को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल दोनों की हालत सामान्य बतायी जा रही है। 

जिले में पिछले 20 दिनों से बारिश नहीं हुई है‌। पूरा जिला भीषण गर्मी और उमस की चपेट में है‌। ऐसे में सबसे खराब हालत परिषदीय स्कूल के बच्चों और शिक्षकों की है जो इस उमस में स्कूल जा रहे हैं। अधिकतर स्कूलों में बिजली न होने के कारण बच्चे और शिक्षक गर्मी के चलते बीमार हो रहे हैं। मंगलवार को झंझरी शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बनवरिया की प्रधानाध्यापिका हेमलता गर्मी और उमस के कारण स्कूल में ही बेहोश होकर गिर गयीं। प्रधानाध्यापिका को बेहोश होते ही स्कूल में हड़कंप मच गया। स्कूल की शिक्षिकाओं ने बच्चों के घर से हाथ का पंखा लाकर उन्हे हवा किया और पानी की छींटा मारा तब जाकर उन्हे होश आया। इसके बाद उन्हे अस्पताल ले जाया गया और प्राथमिक उपचार के बाद उन्हे घर पहुंचायाा गया। गर्मी और उमस के कारण पंडरी ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय भटवलिया की शिक्षिका कमला देवी की हालत भी बिगड़ गयी। उन्हें तत्काल सहयोगी शिक्षकों ने अस्पताल पहुंचाया। 

वर्जन-
परिषदीय स्कूलों का संचालन दोपहर दो बजे तक हो रहा है‌। इस दौरान गर्मी और उमस अपने चरम पर होती है। बिजली व्यवस्था भी पूरी तरह से ध्वस्त है। अधिकतर स्कूलों में बिजली ही नहीं है। ऐसे में शिक्षक और बच्चे बीमार हो रहे है। मौसम ठीक होने तक स्कूलों का समय बदलकर 12 बजे तक किए जाने की जरूरत है। -उदयभान वर्मा, जिला उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ

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