FIFA World Cup: राजनीतिक तनाव और मुश्किलों के बीच ईरान का दमदार प्रदर्शन, न्यूजीलैंड को 2-2 की बराबरी पर रोका
इंगलवुड (अमेरिका): भू-राजनीतिक तनाव और बेहद कठिन परिस्थितियों के बीच विश्व कप खेलने उतरी ईरान की फुटबॉल टीम ने मैदान पर अद्भुत जज्बा दिखाया है। ग्रुप जी (Group G) के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में ईरान ने दो बार पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए न्यूजीलैंड को 2-2 से ड्रॉ पर रोक दिया। लॉस एंजिलिस के सोफी स्टेडियम में खेले गए इस मैच में ईरान के खिलाड़ियों ने तमाम मानसिक और प्रशासनिक दबावों को पीछे छोड़कर मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ दिया।
राजनीतिक तनाव के कारण तैयारी में रही कमी
हालिया सैन्य और राजनीतिक तनाव के कारण ईरान की टीम को विश्व कप के लिए अभ्यास और सही तैयारी का पर्याप्त मौका नहीं मिला था। सुरक्षा कारणों से टीम का मुख्य अभ्यास शिविर भी एरिजोना से मैक्सिको के तिजुआना ट्रांसफर करना पड़ा था। ईरान की टीम मैचों के आयोजन से महज एक दिन पहले अमेरिका पहुंचती है और खेल खत्म होते ही तुरंत मैक्सिको लौट जाती है। टीम के कप्तान मेहदी तारेमी ने भी माना कि इन परिस्थितियों के बीच विश्व कप का यह सफर उनके और टीम के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा है।
एलिजा जस्ट के दो गोल, न्यूजीलैंड को मिली थी बढ़त
मैच की शुरुआत में न्यूजीलैंड (ऑल व्हाइट्स) ने आक्रामक खेल दिखाया। खेल के 7वें मिनट में न्यूजीलैंड के कप्तान क्रिस वुड के एक बेहतरीन पास पर एलिजा जस्ट ने शानदार गोल दागकर टीम को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिला दी। हालांकि, ईरान ने पलटवार करने में ज्यादा समय नहीं लिया और 32वें मिनट में रामिन रेजाइयन ने गोल कर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया।
दूसरे हाफ की शुरुआत में एक बार फिर न्यूजीलैंड ने दबदबा बनाया। 54वें मिनट में क्रिस वुड की मदद से एलिजा जस्ट ने अपना दूसरा गोल दागा और न्यूजीलैंड को 2-1 से आगे कर दिया। इस गोल के साथ ही न्यूजीलैंड की टीम विश्व कप इतिहास में अपनी पहली जीत के बेहद करीब पहुंचती दिख रही थी।
मोहेबी के गोल से ईरान ने बचाई साख
न्यूजीलैंड की इस बढ़त को ईरान ने ज्यादा देर टिकने नहीं दिया। 64वें मिनट में रामिन रेजाइयन के एक सटीक और लंबे पास को मोहम्मद मोहेबी ने नेट में डाल दिया। इस गोल के साथ ही स्कोर 2-2 की बराबरी पर आ गया। मैच के अंतिम मिनटों में दोनों ही टीमों को बढ़त बनाने के शानदार मौके मिले, लेकिन कोई भी टीम निर्णायक गोल नहीं कर सकी। खेल खत्म होने के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने खेल भावना का परिचय देते हुए एक-दूसरे को गले लगाया और जर्सियां भी बदलीं।
स्टेडियम के बाहर और भीतर का माहौल
फीफा रैंकिंग में न्यूजीलैंड से 65 पायदान ऊपर मौजूद ईरान को सोफी स्टेडियम में बड़ी संख्या में आए प्रवासी ईरानियों का समर्थन मिला। हालांकि, स्टेडियम के बाहर कई लोग विरोध प्रदर्शन भी कर रहे थे और राष्ट्रगान के दौरान कुछ प्रशंसकों ने मैदान की तरफ पीठ कर ली थी, लेकिन मैच शुरू होते ही पूरा स्टेडियम खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाता नजर आया।
ईरान जहां लगातार सातवीं बार इस महाकुंभ का हिस्सा बन रहा है, वहीं न्यूजीलैंड ने साल 2010 के बाद पहली बार विश्व कप के लिए अपनी जगह पक्की की है।
