Ayodhya News: लखनऊ अग्निकांड के बाद डीएम व एसएसपी ने परखा कोचिंग सेंटरों का हाल, संचालकों को दिए कड़े निर्देश

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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सीसीटीवी , इमरजेंसी अलार्म और फायर सेफ्टी उपकरणों की जांच, संचालकों को दिए कड़े निर्देश

अयोध्या, अमृत विचार : लखनऊ में एक कोचिंग संस्थान में सोमवार को हुए भीषण अग्निकांड को लेकर मंगलवार को जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर खुद अफसरों की टीम को लेकर मैदान में उतर पड़े। तपती दोपहर और कड़ी धूप के बीच जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने मुख्य अग्निशमन अधिकारी एमपी सिंह के साथ छह से अधिक कोचिंग संस्थानों में अग्निशमन संसाधनों समेत हर पहलू से बच्चों के लिए सुरक्षा व्यवस्था परखी।

कई संस्थानों में गड़बड़ी पाए जाने पर तत्काल सुधार के निर्देश दिए। अग्निशमन विभाग ने दो टीमों का गठन कर कोचिंग संस्थानों, व्यवसायिक कॉम्पलेक्सों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने सेंटरों में सीसीटीवी कैमरा, इमरजेंसी अलार्म, अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकास द्वार और आग लगने पर बचाव के इंतजामों का बारीकी से जायजा लिया। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।

सभी कोचिंग सेंटर फायर अनापत्ति प्रमाण पत्र और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करें। एएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने सीसीटीवी फुटेज और एंट्री-एग्जिट रजिस्टर जांचे। मुख्य अग्निशमन अधिकारी एमपी सिंह ने फायर उपकरणों की एक्सपायरी डेट और कार्यक्षमता परखी और बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र चल रहे सेंटरों पर कार्रवाई की चेतावनी दी।

निरीक्षण के दौरान कई सेंटरों में फायर उपकरण एक्सपायरी में मिले और इमरजेंसी गेट बंद पाए गए। अधिकारियों ने उन्हें तुरंत दुरुस्त करने के आदेश दिए। प्रशासन ने साफ किया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।अभिभावकों से अपील की गई कि वे अपने बच्चों को केवल उन्हीं कोचिंग में भेजें जहां फायर सेफ्टी और सीसीटीवी जैसी मूलभूत सुरक्षा व्यवस्थाएं हों।

अवैध कोचिंग-लाइब्रेरी पर अग्निशमन विभाग का सघन अभियान

लखनऊ अग्निकांड में 15 छात्रों की मौत के बाद अयोध्या प्रशासन हरकत में आ गया है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी एमपी के निर्देश पर दो विशेष टीमें गठित की गई हैं। एक टीम अग्निशमन अधिकारी एपीसी के नेतृत्व में और दूसरी स्टेशन अधीक्षक के नेतृत्व में मंगलवार से लगातार कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी, होटल, रेस्टोरेंट और पेइंग गेस्ट हाउस जैसे प्रमुख प्रतिष्ठानों पर जांच कर रही है। विभाग ने साफ किया कि जांच के दौरान अगर किसी कोचिंग या लाइब्रेरी में अग्निशमन यंत्र नहीं मिले या एक्सपायरी डेट के मिले, तो संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि अयोध्या में कुल 36 कोचिंग सेंटर ही अग्निशमन विभाग में पंजीकृत हैं और इन्हें फायर सेफ्टी मानकों की जांच के बाद ही एनओसी जारी की जाती है। टीमें फायर उपकरणों की कार्यक्षमता, आपातकालीन निकास द्वार, सीढ़ियों की चौड़ाई और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच कर रही हैं। बिना पंजीकरण संचालित हो रहे कोचिंग सेंटरों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

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