विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता : कोचिंग व लाइब्रेरी संचालकों को तीन दिन में सुरक्षा मानक पूरे करने के निर्देश

Amrit Vichar Network
Published By Pradeep Kumar
On

सीओ को जांच में मिली तमाम खामियां, लापरवाही बरतने पर होगी कार्रवाई

ठाकुरद्वारा, अमृत विचार। राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए अग्निकांड के बाद प्रशासन ने क्षेत्र के कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। इसी क्रम में कोतवाली परिसर में कोचिंग एवं लाइब्रेरी संचालकों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) आशीष प्रताप सिंह ने सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।

बैठक में सीओ ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संचालकों को तीन दिन के भीतर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए चेतावनी दी कि मानकों का पालन न करने वाले संस्थानों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उन्हें सील किया जा सकता है।

सीओ ने बताया कि प्रत्येक कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी में आपातकालीन स्थिति के लिए अलग निकास द्वार (एग्जिट डोर) होना आवश्यक है। इसके अलावा संकरे रास्तों और गलियारों को चौड़ा किया जाए ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में विद्यार्थियों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

उन्होंने गर्मी के मौसम में एयर कंडीशनर के सुरक्षित उपयोग पर भी जोर दिया। कहा कि एसी को अत्यधिक कम तापमान पर लगातार चलाने से तकनीकी खराबी और आग लगने की आशंका बढ़ सकती है। सभी संस्थानों में अग्निशमन यंत्र, पानी तथा रेत की व्यवस्था अनिवार्य रूप से रखने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा परिसर में प्लास्टिक के उपयोग को न्यूनतम करने और विद्युत उपकरणों की नियमित जांच कराने के लिए भी कहा गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद औचक निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाए जाने पर संबंधित संस्थान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

संबंधित समाचार