भारत में अवैध घुसपैठ का बड़ा नेटवर्क बेनकाब! NIA कोर्ट ने 15 दोषियों को सुनाई 5-5 साल की सजा

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
On

डिजिटल डेस्क/लखनऊ। भारत में अवैध घुसपैठ और फर्जी दस्तावेज तैयार कराने के मामले में एनआईए स्पेशल कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों सहित 15 दोषियों को पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर 28-28 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

सजा पाने वालों में महफूजुर रहमान, अल अमीन अहमद, खोखन सरदार, अलाउद्दीन तारीक, जमील अहमद, हुसैन मोहम्मद फहद, शखावत खान, असीदुल इस्लाम, जैनुल इस्लाम, राजीव हुसैन, मोमिनुर इस्लाम, मेहंदी हसन, शाओन अहमद, मोहम्मद जमील और नूर अमीन शामिल हैं। अदालत के अनुसार, सभी दोषी बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिक हैं।

अदालत में पेश साक्ष्यों के आधार पर एटीएस ने बताया कि यह एक संगठित नेटवर्क था, जिसके जरिए बांग्लादेश और म्यांमार के नागरिकों को अवैध रूप से भारत में प्रवेश कराया जाता था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पश्चिम बंगाल में छिपकर रह रहे थे और संगठित सिंडिकेट के माध्यम से घुसपैठ की गतिविधियां संचालित कर रहे थे।

एटीएस के मुताबिक, मिथुन मंडल, विक्रम सिंह, महफूज, समीर मंडल उर्फ टोनी, मोहम्मद जमील सहित अन्य लोग इस नेटवर्क का हिस्सा थे। आरोप है कि यह गिरोह अवैध रूप से भारत में आए लोगों के लिए फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और पासपोर्ट तक तैयार करवाता था।

जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कई बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों के पासपोर्ट भी बनवाए गए, जिनका इस्तेमाल मानव तस्करी के जरिए उन्हें अन्य देशों में भेजने के लिए किया गया।

इस मामले में एटीएस ने अक्टूबर 2021 में विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया था। लंबी सुनवाई के बाद एनआईए स्पेशल कोर्ट ने सभी 15 आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।

यह भी पढ़ेंः BPSC में पूरे बिहार में टॉप करने वाली प्रतापगढ़ की श्रद्धा पांडे को CM योगी ने किया सम्मानित, आईपैड देकर बढ़ाएंगे हौसला

संबंधित समाचार