UP Bus Station Upgrade: हैदरगढ़ समेत 36 बस अड्डे होंगे हाईटेक, आज खुलेगा टेंडर, 3,000 करोड़ के निवेश से बदल जाएगी तस्वीर

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Published By Muskan Dixit
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पीपीपी मॉडल पर उत्तर प्रदेश के 36 प्रमुख बस अड्डों के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया तेज हो गई है। टेंडर खुलने के बाद चयनित एजेंसियों को निर्माण कार्य सौंपा जाएगा। योजना के तहत अगले दो वर्षों में यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।

लखनऊ, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) प्रदेश के बस अड्डों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। दूसरे चरण में लखनऊ परिक्षेत्र के हैदरगढ़ बस डिपो सहित प्रदेश के 36 बस अड्डों के आधुनिकीकरण के लिए आमंत्रित किए गए टेंडर गुरुवार को खोले जाएंगे। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित एजेंसियों को निर्माण कार्य की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

पीपीपी मॉडल पर होगा विकास

परिवहन निगम के अनुसार, दूसरे चरण की यह परियोजना पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित की जाएगी। दोनों चरणों को मिलाकर इस परियोजना में करीब 3,000 करोड़ रुपये के निजी निवेश की संभावना जताई गई है।

इन बस अड्डों का होगा आधुनिकीकरण

दूसरे चरण में जिन प्रमुख बस अड्डों को आधुनिक बनाया जाएगा, उनमें—

  • हैदरगढ़
  • उन्नाव
  • सिधौंली
  • हरदोई
  • गोला
  • बलरामपुर
  • नैमिषारण्य

सहित प्रदेश के कुल 36 बस अड्डे शामिल हैं।

यात्रियों को मिलेंगी एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं

परियोजना के तहत बस अड्डों को आधुनिक बस पोर्ट के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां यात्रियों के लिए कई नई सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिनमें—

  • वातानुकूलित प्रतीक्षालय
  • डिजिटल सूचना प्रणाली
  • आधुनिक टिकट काउंटर
  • स्वच्छ शौचालय
  • फूड कोर्ट
  • व्यवस्थित पार्किंग
  • बेहतर सुरक्षा व्यवस्था
  • यात्री सुविधा केंद्र

जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।

पहले चरण में 13 बस अड्डों पर शुरू हो चुका है काम

परिवहन निगम के अधिकारियों के मुताबिक, पहले चरण में 13 बस अड्डों के विकास की प्रक्रिया पहले ही तय की जा चुकी है। इनमें लखनऊ के कैसरबाग और जानकीपुरम बस अड्डे भी शामिल हैं।

अब दूसरे चरण के लिए प्राप्त टेंडरों पर गुरुवार को निर्णय लिया जाएगा। इसके बाद चयनित कंपनियों को कार्य आवंटित किया जाएगा।

दो वर्षों में बदल जाएगी बस अड्डों की तस्वीर

परिवहन निगम का लक्ष्य अगले दो वर्षों में प्रदेश के प्रमुख रोडवेज बस अड्डों को आधुनिक बस पोर्ट में बदलना है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलने की उम्मीद है, जिससे सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और अधिक सुविधाजनक और आधुनिक बनेगी।

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