Bareilly News : नो टेंशन... बरेली मंडल में मिलों के पास मौजूद 23 लाख क्विंटल चीनी स्टॉक
16 चीनी मिलों में वित्तीय वर्ष 2025-26 में 80 लाख क्विंटल चीनी का हुआ उत्पादन
मंडल की 16 चीनी मिलों में 11 निजी और पांच सहकारी हैं। बरेली में छह, पीलीभीत में चार, बदायूं में दो और शाहजहांपुर में चार मिलें हैं। 23 अगस्त तक दर्ज आंकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा 7,13,893 क्विंटल चीनी का स्टॉक पीलीभीत में है, जबकि बदायूं में सबसे कम 97,100 क्विंटल स्टॉक बचा है।
अमृत विचार : बाजार में चीनी के दाम भले ही लगातार आसमान छू रहे हों, लेकिन बरेली मंडल में चीनी की कोई कमी नहीं है। यहां की 16 चीनी मिलों में करीब 80 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ है। शुगर प्रोडक्शन पिछले साल के मुकाबले थोड़ा कम जरूर है मगर इसके बाद भी मौजूदा समय में मिलों के 23.78 लाख क्विंटल चीनी का सरप्लस स्टॉक सुरक्षित है।
मंडल की 16 चीनी मिलों में 11 निजी और पांच सहकारी हैं। बरेली में छह, पीलीभीत में चार, बदायूं में दो और शाहजहांपुर में चार मिलें हैं। 23 अगस्त तक दर्ज आंकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा 7,13,893 क्विंटल चीनी का स्टॉक पीलीभीत में है, जबकि बदायूं में सबसे कम 97,100 क्विंटल स्टॉक बचा है।
वहीं, इस बार गन्ने की आवक कम रहने से एथेनॉल का उत्पादन घटकर 359 लाख लीटर रह गया, जो बीते वित्तीय वर्ष 623 लाख लीटर था। फरीदपुर की द्वारकेश मिल ने 168 लाख, निगोही ने 101 लाख और पीलीभीत की एलएच शुगर मिल ने 90 लाख लीटर एथेनॉल का उत्पादन किया।
इस बार घटा एथनॉल उत्पादन
मंडल की तीन चीनी मिलों में एथनॉल तैयार किया जाता है। वर्ष 2025-26 में फरीदपुर की द्वारकेश मिल ने 168 लाख लीटर, शाहजहांपुर की निगोही मिल ने 101 लाख लीटर और पीलीभीत की एलएच शुगर मिल ने 90 लाख लीटर एथनॉल का उत्पादन किया।
कुल उत्पादन 359 लाख लीटर रहा। पिछले वित्तीय वर्ष में इन तीनों मिलों ने 623 लाख लीटर एथनॉल बनाया था। इस तरह उत्पादन में बड़ी गिरावट आई है। गन्ना विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इस वर्ष मिलों में गन्ने की आवक कम होने से एथनॉल उत्पादन प्रभावित हुआ। हालांकि चीनी उत्पादन पर इसका खास असर नहीं पड़ा है।
चीनी मिलों से ही 59 रुपये किलो पहुंची चीनी
मंडल की मिलों में चीनी का बंपर स्टॉक होने के बावजूद आम जनता को महंगे दामों से राहत नहीं मिल पा रही है। चीनी के दाम लगातार बढ़ाए जा रहे हैं, जिससे चीनी मिल मालिकों की तो चांदी हो रही है, लेकिन ग्राहकों की जेब पर भारी बोझ पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, मिलों से ही अब चीनी 59 रुपये प्रति किलो के ऊंचे भाव पर बाहर भेजी जा रही है। मिल गेट से ही इतने ऊंचे दामों पर सप्लाई होने के कारण फुटकर बाजार तक पहुंचते-पहुंचते इसके दाम आसमान छू रहे हैं, जिससे आम जनता का बजट पूरी तरह गड़बड़ा गया है।
गन्ना विभाग ने क्या कहा
गन्ना उपायुक्त राजेश मिश्रा ने बताया कि मंडल की चीनी मिलों में इस पेराई सत्र के दौरान 80 लाख क्विंटल चीनी का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है। वर्तमान में भी मंडल की मिलों के पास 23.78 लाख क्विंटल चीनी का सरप्लस स्टॉक सुरक्षित रखा हुआ है। मिलों में भरपूर स्टॉक मौजूद होने के कारण बाजार में चीनी की किल्लत या कालाबाजारी की कोई संभावना नहीं है और आपूर्ति लगातार सुचारू बनी रहेगी।
