Bareilly News : डी-फार्मा की फर्जी मार्कशीट! खुसरो कॉलेज के खिलाफ फिर शिकायत लेकर अफसरों के पास पहुंचे छात्र

Amrit Vichar Network
Edited By Ateeq Khan
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फार्मेसी फर्जीवाड़े में जेल जा चुके हैं जाफरी, गैंगस्टर एक्ट में हुई थी कार्रवाई

छात्रों के मुताबिक उन्होंने वर्ष 2020 में खुसरो कॉलेज में डी-फार्मा कोर्स में एडमिशन लिया था। पढ़ाई पूरी करने के बाद कॉलेज से मार्कशीट मिलीं। पंजीकरण कराने के लिए वह लखनऊ पहुंचे। तब पता चला कि उनकी मार्कशीट फर्जी हैं। 

अमृत विचार : बरेली के सीबीगंज स्थित खुसरो मैमोरियल डिग्री कॉलेज फार्मेसी फर्जीवाड़े को लेकर एक बार फिर से चर्चा में है। खुसरो से डिप्लोमा इन फार्मेसी (डी-फार्मा) करने वाले छात्रों का आरोप है कि उन्हें जो मार्कशीट दी गई हैं-वे फर्जी हैं। फॉर्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) ने उनका पंजीकरण करने से इनकार कर दिया है। पीड़ित छात्रों ने डीएम को शिकायती पत्र देकर कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है। 

छात्रों के मुताबिक उन्होंने वर्ष 2020 में खुसरो कॉलेज में डी-फार्मा कोर्स में एडमिशन लिया था। पढ़ाई पूरी करने के बाद कॉलेज से मार्कशीट मिलीं। पंजीकरण कराने के लिए वह लखनऊ पहुंचे। तब पता चला कि उनकी मार्कशीट फर्जी हैं। 

छात्रों का आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन से इस संबंध में बातचीत की तो उन्हें धमकाया गया। इसके बाद छात्रों ने पुलिस में शिकायती पत्र दिया है। सनद रहे कि फार्मेसी फर्जीवाड़े में कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आ चुकी है। शेर अली जाफरी और उनके बेटे को जेल जाना पड़ा था। उनकी संपत्तियां सीज कर दी गई थीं। यहां तक कि उनके विरुद्ध गैंगस्टर के अंतर्गत कार्रवाई की गई थी। 

फर्जी मार्कशीट की शिकायत लेकर पहुंचे छात्रों ने अपने शिकायती पत्र में खुसरो कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ पूर्व में की गई कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि जो संपत्तियां चिन्हित की गई थीं-उन्हें सीज नहीं किया गया। इस मामले में प्रशासन से कार्रवाई की मांग की गई है। 

मुकदमें में फंसाने की धमकी 

पीड़ित छात्रों का आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन से शिकायत के बाद से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं। फर्जी मुकदमें में फंसाने की बात कहकर चुप कराने का प्रयास किया जा रहा है। छात्रों ने सुरक्षा सुनिश्चित कराने के साथ मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। 


वापस कराई जाए फीस 

डी-फार्मा की पढ़ाई करने के बाद अब जब छात्रों के हाथ में फर्जी मार्कशीट है तो वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। बल्कि ठग चुके हैं।  इस सूरत में उनका वक्त और पैसा दोनों बर्बाद हो चुका है। लेकिन छात्र अब केवल फीस की भरपाई की मांग उठा रहे हैं। उनकी मांग है कि फीस वापस कराई जाए। फर्जीवाड़ा करके छात्रों का भविष्य बर्बाद करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। शिकायत करने वालों में मोहम्मद इमरान, रामजीत यादव, मोहम्मद सोहेल, दीपक गंगवार, महेश राठौर, दीपक कुमार, और धर्मेंद्र मौर्य शामिल रहे। 

 

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