Editorial
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संपादकीय : शांति की कीमत
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By Pradeep Kumar
सौ दिनों से अधिक चले संघर्ष में हजारों लोगों की जान गई, अरबों डॉलर की संपत्ति नष्ट हुई और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर संकट मंडराने लगा था। ऐसे में अमेरिका और ईरान के बीच बहुप्रतीक्षित शांति समझौते पर हस्ताक्षर...
संपादकीय : मित्रता बनाम हित
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By Deepak Mishra
वैश्विक राजनीति के इस संक्रमण काल में, यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया संकट, चीन की बढ़ती सक्रियता, आपूर्ति श्रृंखलाओं का पुनर्गठन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता की प्रतिस्पर्धा ने अंतर्राष्ट्रीय संबंधों की प्रकृति बदल दी है। ऐसे माहौल में जी-7 शिखर सम्मेलन के...
संपादकीय : रक्षा से प्रौद्योगिकी तक
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By Deepak Mishra
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्रांस यात्रा कूटनीतिक औपचारिकता से बढ़ कर रक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष, नवाचार और आपूर्ति श्रृंखलाओं के क्षेत्र में उभरती हुई एक नई सामरिक साझेदारी का संकेत है। दोनों देशों द्वारा अपनी साझेदारी को गहरा करते...
संपादकीय : हादसा और सबक
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By Deepak Mishra
असम के जोरहाट एयरबेस पर भारतीय वायुसेना के एएन-32 परिवहन विमान की दुर्घटना देश की सामरिक परिवहन क्षमता, सैन्य आधुनिकीकरण और रक्षा तैयारियों से जुड़े कई गंभीर प्रश्न खड़े करती है। इस दुर्घटना में पांच वायुयोद्धाओं का बलिदान हुआ, राष्ट्र...
संपादकीय: युद्धविराम की विराम रेखा
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By Deepak Mishra
ईरान और इजराइल के बीच हालिया सैन्य टकराव ने एक बार फिर पश्चिम एशिया को व्यापक युद्ध के मुहाने पर ला खड़ा किया है। दो महीने पहले हुए संघर्ष के बाद जिस प्रकार दोनों पक्षों ने अपेक्षाकृत संयम दिखाया था,...
संपादकीय: आपदाओं का दशक
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By Amrit Vichar
नीदरलैंड की धरती से प्रधानमंत्री का यह कहना कि ‘यह दशक दुनिया के लिए आपदाओं का दशक बनता जा रहा है’ बदलती वैश्विक अर्थ-राजनीति का गंभीर आकलन है। कोरोना महामारी, रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया का तनाव, ऊर्जा संकट, आपूर्ति शृंखलाओं...
मजदूरों को सम्मान देने में आखिर हर्ज क्या है!
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By Amrit Vichar
अनिल त्रिगुणायत, लखनऊ चाहे स्वयंसेवी संगठन हों या मजदूर दिवस पर घड़ियाली आंसू बहाने वाले अलंबरदार। आखिर मजदूरों के हितों की रक्षा क्यों नहीं कर पा रहे हैं? देश में असंगठित क्षेत्रों के मजदूरों की स्थिति तो वैसी ही कि...
संपादकीय:ऊर्जा सुरक्षा पर संकट
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By Amrit Vichar
पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक अस्थिरता का केंद्र बनता दिख रहा है। दुनिया की सबसे बड़ी गैस फील्ड साउथ पर्स पर इजराइली हमले के बाद ईरान द्वारा नौ देशों में तेल और गैस प्रतिष्ठानों को निशाना बनाना क्षेत्रीय तनाव...
संपादकीय: आग के सबक
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By Amrit Vichar
पालम और इंदौर में हुई अग्नि त्रासदियां हमारे शहरी जीवन की असुरक्षित सच्चाइयों का आईना हैं। पालम में नौ और इंदौर में सात लोगों की मौत के यह आंकड़े नहीं, बुझती हुई जिंदगियों की दर्दनाक कहानियां हैं। हर ऐसी घटना...
संपादकीय: राज्यों से राष्ट्रीय संकेत
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By Amrit Vichar
देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव केवल क्षेत्रीय सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया के अलावा राष्ट्रीय राजनीति के भविष्य की दिशा भी तय कर सकते हैं। लगभग साढ़े सत्रह करोड़ मतदाता 824 विधानसभा...
संपादकीय: सामाजिक सहमति जरूरी
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By Amrit Vichar
सुप्रीम कोर्ट ने 1937 के शरिया कानून के प्रावधानों को मुस्लिम महिलाओं के साथ भेदभावपूर्ण बताते हुए इसे निरस्त करने के अनुरोध वाली याचिका पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अब ‘समान नागरिक संहिता’ लागू करने का समय आ गया...
संपादकीय: बदलाव का बवंडर
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By Amrit Vichar
बालेन शाह नेपाल के प्रधानमंत्री बनेंगे अब तकरीबन तय है। पर उन पर या उनकी सरकार पर कोई टिप्पणी उनके पदासीन होने, सरकार गठन के बाद ही उचित है। फिलहाल उनके दल राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के प्रभावशाली प्रदर्शन ने यह...
