Editorial

संपादकीय: युद्धविराम की विराम रेखा

ईरान और इजराइल के बीच हालिया सैन्य टकराव ने एक बार फिर पश्चिम एशिया को व्यापक युद्ध के मुहाने पर ला खड़ा किया है। दो महीने पहले हुए संघर्ष के बाद जिस प्रकार दोनों पक्षों ने अपेक्षाकृत संयम दिखाया था,...
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संपादकीय: आपदाओं का दशक

नीदरलैंड की धरती से प्रधानमंत्री का यह कहना कि ‘यह दशक दुनिया के लिए आपदाओं का दशक बनता जा रहा है’ बदलती वैश्विक अर्थ-राजनीति का गंभीर आकलन है। कोरोना महामारी, रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया का तनाव, ऊर्जा संकट, आपूर्ति शृंखलाओं...
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मजदूरों को सम्मान देने में आखिर हर्ज क्या है!

अनिल त्रिगुणायत, लखनऊ    चाहे स्वयंसेवी संगठन हों या मजदूर दिवस पर घड़ियाली आंसू बहाने वाले अलंबरदार। आखिर मजदूरों के हितों की रक्षा क्यों नहीं कर पा रहे हैं? देश में असंगठित क्षेत्रों के मजदूरों की स्थिति तो वैसी ही कि...
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संपादकीय:ऊर्जा सुरक्षा पर संकट

पश्चिम एशिया एक बार फिर वैश्विक अस्थिरता का केंद्र बनता दिख रहा है। दुनिया की सबसे बड़ी गैस फील्ड साउथ पर्स पर इजराइली हमले के बाद ईरान द्वारा नौ देशों में तेल और गैस प्रतिष्ठानों को निशाना बनाना क्षेत्रीय तनाव...
सम्पादकीय 

संपादकीय: आग के सबक

पालम और इंदौर में हुई अग्नि त्रासदियां हमारे शहरी जीवन की असुरक्षित सच्चाइयों का आईना हैं। पालम में नौ और इंदौर में सात लोगों की मौत के यह आंकड़े नहीं, बुझती हुई जिंदगियों की दर्दनाक कहानियां हैं। हर ऐसी घटना...
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संपादकीय: राज्यों से राष्ट्रीय संकेत 

देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव केवल क्षेत्रीय सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया के अलावा राष्ट्रीय राजनीति के भविष्य की दिशा भी तय कर सकते हैं। लगभग साढ़े सत्रह करोड़ मतदाता 824 विधानसभा...
सम्पादकीय 

संपादकीय: सामाजिक सहमति जरूरी

सुप्रीम कोर्ट ने 1937 के शरिया कानून के प्रावधानों को मुस्लिम महिलाओं के साथ भेदभावपूर्ण बताते हुए इसे निरस्त करने के अनुरोध वाली याचिका पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अब ‘समान नागरिक संहिता’ लागू करने का समय आ गया...
सम्पादकीय 

संपादकीय: बदलाव का बवंडर

बालेन शाह नेपाल के प्रधानमंत्री बनेंगे अब तकरीबन तय है। पर उन पर या उनकी सरकार पर कोई टिप्पणी उनके पदासीन होने, सरकार गठन के बाद ही उचित है। फिलहाल उनके दल राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के प्रभावशाली प्रदर्शन ने यह...
सम्पादकीय 

संपादकीय: ऊर्जा संकट के संकेत

ईरान के दावे और अमेरिका तथा इसराइल के बयानों से लगता है कि पूरे पश्चिम एशिया में फैल चुकी यह जंग लंबी खिंच सकती है। यह टकराव कुछ सप्ताह से आगे बढ़ता है, तो भारत जैसे बड़े ऊर्जा आयातक देश...
सम्पादकीय 

संपादकीय: पारदर्शी जांच की उम्मीद 

महाराष्ट्र के वरिष्ठ नेता अजित पवार की विमान दुर्घटना में हुई असामयिक मृत्यु ने राज्य ही नहीं, राष्ट्रीय स्तर पर भी गहरी संवेदना और सवालों का वातावरण निर्मित किया। किसी भी हाई-प्रोफाइल दुर्घटना के बाद स्वाभाविक रूप से संशय और...
सम्पादकीय 

संपादकीय : एआई का कुंभ

नई दिल्ली में आयोजित एआई इंपैक्ट समिट 2026 भारत की डिजिटल कूटनीति और उभरती तकनीकी शक्ति का सार्वजनिक प्रदर्शन है। ग्लोबल साउथ में आकार और भागीदारी के लिहाज से पहली बार ब्रिटेन, सोल, पेरिस से भी विशाल एआई मंच सजा...
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संपादकीय: डीपफेक पर शिकंजा 

एआई के दौर में डीपफेक लोकतंत्र, निजता और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है। आईटी नियमों में हालिया संशोधन, डीपफेक और एआई-जनित सामग्री की नई परिभाषाएं, निर्दिष्ट सामग्री को शीघ्रता से हटाने का अनिवार्य प्रावधान नियामकीय ढांचे को ताकत...
सम्पादकीय