बदायूं: खतरे के निशान से एक सेमी नीचे पहुंची गंगा, छोड़ा गया एक लाख पांच हजार क्यूसेक पानी

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Edited By Amrit Vichar
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बदायूं,अमृत विचार: गंगा में रविवार को तीनों बांधों से एक लाख पांच हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। हालांकि कछला गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से एक सेंटीमीटर नीचे आ गया, जिससे बाढ़ खंड के अधिकारियों ने राहत की सांस ली।हालांकि में पानी बढ़ने की संभावना बनी हुई है, जिससे बाढ़ चौकियों पर तैनात सुरक्षा कर्मियों को अलर्ट रहने को कहा गया है।  

पहाड़ों पर बारिश का सिलसिला लगातार जारी है, जिसका असर मैदानी इलाकों में पड़ रहा है। रविवार को नरौरा, बिजनौर और हरिद्वार डेम में जलस्तर बढ़ने से पानी डिस्चार्ज किया गया है। नरौरा डेम से 31,900 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है, वहीं बिजनौर से 36, 253 क्यूसेक और हरिद्वार से 37,032 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। तीनों डेमों से पानी छोड़े जोने से गंगा में लहरें तेजी से उठ रही हैं।

हालांकि शनिवार की अपेक्षा रविवार को गंगा का जलस्तर कुछ कम हो गया। रविवार को कछला में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से एक सेमी कम पाया गया। मगर खतरा अभी टला नहीं है। जानकारों के अनुसार गंगा में पानी अभी और बढ़ने का अनुमान है। इससे सतर्कता बरती जा रही है। बाढ़ खंड के सभी कर्मचारियों से अपने-अपने स्थान पर मुस्तैद रहने को कहा गया है।

उधर, रामगंगा में का जलस्तर कुछ बढ़ा है। बाढ़ खंड अधिकारियों के अनुसार रामगंगा खतरे के निशान से थोड़ा नीचे बह रही है। इससे रामगंगा में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बाढ़खंड के अधिकारी रामगंगा के जलस्तर पर भी नजर बनाए हुए हैं।

रविवार को गंगा में जल स्तर कुछ कम हुआ है, लेकिन खतरा टला नहीं है। कछला में गंगा खतरे के निशान से एक सेमी नीचे हैं। मगर गंगा में पानी और बढ़ने का अनुमान है। इसलिए सुरक्षा चौकियों को अलर्ट रहने को कहा गया है।
- नेशपाल, अवर अभियंता बाढ़खंड

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