भीमताल: नरभक्षी की निवाला बनी बड़ी बहन की मौत से आहत छोटी बहन ने विधायक के हाथ से पत्र लेकर फाड़ा

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

भीमताल, अमृत विचार। निकिता शर्मा की मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने खुटानी बैंड पर शव रखकर जाम लगा दिया और वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। इस बीच ग्रामीणों की पुलिस, प्रशासन और वन अधिकारियों से तीखी नोकझोंक भी हुई। बाद में बामुश्किल गुस्साए ग्रामीणों को समझाकर शव सड़क से हटवा कर जाम खुलवाया। 

बीते मंगलवार की शाम को निकिता शर्मा (18 वर्ष) पुत्री विपिन चंद्र शर्मा निवासी अलचौना तोक ताड़ा घर के समीप बैठी हुई थी। इस बीच जंगल से आए एक बाघ/तेंदुए ने उस पर झपटा और खींच कर जंगल में ले गया। नरभक्षी के हमले की सूचना पर शोर शराबा हुआ और ग्रामीण इकट्ठा हो गए। उन्होंने निकिता की तलाश शुरू की। 

बाद में घर से सटे जंगल में कुछ दूरी उसका खून से लथपथ शव पड़ा मिला था। इधर, बुधवार को सुबह  करीब 10 बजे आक्रोशित ग्रामीण खुटानी बैंड पर इकट्ठा हुए और बैरिकेडिंग लगाकर सड़क जाम कर दी। सूचना पर भवाली कोतवाल हरपाल सिंह मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने की कोशिश की लेकिन वे नहीं माने। एक घंटे बाद ग्रामीण निकिता का शव लेकर बैंड पहुंचे और सड़क पर शव रखकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। वन विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। 

आरोप लगाया कि महज 10 दिनों में तीन जानें चली गईं और वन विभाग ड्रोन उड़ा रहा है। बाघ या तेंदुआ इसकी तस्दीक भी नहीं हो सकी है। इस बीच वन संरक्षक टीआर बीजूलाल, डीएफओ चंद्रशेखर जोशी, एसडीएम प्रमोद कुमार, सीओ नितिन लोहनी भी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने की कोशिश की लेकिन वे नहीं माने और प्रदर्शन तेज कर दिया। कुछ देर बाद विधायक राम सिंह कैड़ा पहुंचे और उन्होंने भी ग्रामीणों को समझाने का कोशिश की लेकिन ग्रामीण और उग्र हो गए। उन्होंने शासन, जनप्रतिनिधियों पर जनता की अनदेखी का आरोप लगाते हुए हंगामा काटना शुरू कर दिया।

करीब तीन घंटे तक जाम व विरोध प्रदर्शन होता रहा। बाद में वन संरक्षक ने मृतक के पिता से वार्ता की और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने मृतकों के परिजनों को नौकरी व मुआवजा देने, हाईकोर्ट से निर्देश मिलने के बाद बाघ/तेंदुए के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई, प्रभावित गांवों में 200 अतिरिक्त वन कर्मी तैनात करने का आश्वासन दिया। यहां ग्रामीण लिखित में आश्वासन देने पर अड़ गए। 

करीब चार घंटे जाम के बाद जब पुलिस ने शव पिकप में रखकर ले जाने की कोशिश की तो ग्रामीण वाहन के आगे खड़ा हो गए। इस बीच पुलिस से धक्कामुक्की व तीखी बहस भी हुई। तभी पुलिस ने शव को भीमताल थाने की जीप में रखकर पोस्टमार्टम के लिए ले गए। बाद में पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर बैरिकेडिंग हटवाई और जाम खुलवाया। फिलहाल ग्रामीणों में वन विभाग की कार्रवाई को लेकर खासा आक्रोश है।   इस दौरान ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट, पूर्व ब्लॉक प्रमुख लाखन सिंह नेगी, मनोज भट्ट, नितेश बिष्ट, कमल देवका, रवि कुमार, गौतम मटियाली, आशु पाठक, विनीत जोशी, राहुल जोशी, राजू नयाल आदि हैं। 

बहन ने फाड़ दिया पत्र 
प्रदर्शन के दौरान विधायक कैड़ा वनाधिकारियों से हुई वार्ता के बाद एक पत्र लेकर पहुंचे। बड़ी बहन निकिता की मौत से आहत विनीता शर्मा ने विधायक से पत्र लेकर फाड़ दिया और नरभक्षी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। 

मृतकों के परिजनों में से एक सदस्य को नौकरी, सरकार की ओर से निर्धारित मुआवजा देने, प्रभावित गांवों में अतिरिक्त 200 वन कर्मी तैनात करने, हाईकोर्ट के निर्देशों के बाघ/तेंदुए को लेकर उचित कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल वन टीमें मुस्तैद हैं। 
- टीआर बीजूलाल, वन संरक्षक 

मृतकों के परिजनों को मिलेगी 7 लाख रुपये की मुआवजा राशि
भीमताल : विधायक कैड़ा ने बताया कि मलवाताल, पिनरो, अल्चौना में बाघ/तेंदुए ने तीन लोगों को मार डाला है। मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये मुआवजा व 3 लाख रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष से दिए जाएंगे। इस तरह कुल 7 लाख रुपये की राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार प्रत्येक नागरिक के साथ खड़ी है। किसी के साथ भी अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।

संबंधित समाचार