Bareilly: बिजली बिल संशोधन और जुर्माना कम करने में रिश्वत का खुला खेल

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। ग्रामीण क्षेत्र के प्रथम डिवीजन में बिजली बिल संशोधन और चोरी के जुर्माने में पैसे लेने का लंबे समय से चल रहा है। प्रथम डिवीजन का एक जेई भी नलकूप के कनेक्शन पर रिश्वत लेते हुए सबस्टेशन से रंगे हाथ पकड़ा गया था।

सर्किट हाउस स्थित ग्रामीण क्षेत्र के अधिशासी अभियंता प्रथम कार्यालय में पहले भी एक बाबू पर बिजली बिल में संशोधन करने के अलावा चोरी के मामले में गड़बड़ी के आरोप लगे थे। इसके बाद अधिशासी अभियंता को दूसरे डिवीजन में भेज दिया गया था। वहीं गलत बिलों के डाटा वाले कंप्यूटर सिस्टम का सीपीयू चोरी होने के मामले में कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 

जिसकी जांच भी अधिकारी आज तक पूरी नहीं कर सके हैं। वहीं अन्य मामले में भी कई बार रिश्वतखोरी के आरोप लग चुके हैं। पिछले दिनों ही एक युवक ने मुख्य अभियंता कार्यालय में शिकायत करके बताया था कि फतेहगंज पश्चिमी एसडीओ कार्यालय में बैठने वाले एक युवक ने खुद को बाबू बताकर पैसे मांगे थे। जिसके बाद मुख्य अभियंता ने जांच के आदेश दिए थे, लेकिन इसकी भी अब तक जांच पूरी नहीं हो सकी है।

जेई भी रिश्वतखोरी में जा चुके हैं जेल
ग्रामीण क्षेत्र के प्रथम डिवीजन के नदोसी सबस्टेशन पर तैनात जेई आबिद हुसैन को भी एंटी करप्शन की टीम ने पिछले साल अक्टूबर 2024 में एक किसान से ट्यूबवेल का कनेक्शन स्वीकृत करने की बदले में 30 हजार रुपये की रिश्वत लेने के मामले में रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। जेई अब तक जेल में है। वहीं एसडीओ कुतुबखाना गौरव शर्मा, सुभाषनगर एसडीओ रामजगत वर्मा भी रिश्वतखोरी के मामले में नामजद आरोपी बनाए जा चुके हैं। वहीं कई जेई और अन्य कर्मचारी भी रिश्वत के मामले में एंटी करप्शन के हाथ चढ़ चुके हैं।

अधिशासी अभियंता मनोज कुमार ने बताया कि प्रथम एक कर्मचारी के पकड़े जाने की जानकारी मिली है, लेकिन अभी एफआईआर की काॅपी नहीं मिली है। काॅपी मिलने के बाद बाबू को निलंबित करने की कार्रवाई की जाएगी। 

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